भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का सफल समापन
भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का 24 मई, 2026 को बंगाल की खाड़ी में सफल समापन हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, अंतर-संचालनीयता बढ़ाने और साझा समुद्री चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने पर केंद्रित था। इस अभ्यास में दोनों नौसेनाओं के युद्धपोतों, पनडुब्बियों, समुद्री गश्ती विमानों और हेलीकॉप्टरों ने भाग लिया।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का समापन 24 मई, 2026 को हुआ।
- यह अभ्यास 18 मई से 24 मई, 2026 तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया था।
- अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और अंतर-संचालनीयता बढ़ाना था।
- भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS चेन्नई, INS सह्याद्रि और P-8I समुद्री गश्ती विमान ने भाग लिया।
- जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JMSDF) के JS किरिसामा, JS मोगामी और P-1 समुद्री गश्ती विमान शामिल थे।
- अभ्यास में एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), एंटी-सरफेस वारफेयर (ASuW) और मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) जैसे अभ्यास किए गए।
- यह अभ्यास भारत और जापान के बीच 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र और खुले नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- भारत और जापान 'क्वाड' (QUAD) समूह के भी सदस्य हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- अधिग्रहण और क्रॉस-सर्विसिंग समझौता (ACSA) दोनों देशों की सेनाओं के बीच लॉजिस्टिक समर्थन को सक्षम बनाता है।
- यह अभ्यास समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) और सूचना साझाकरण को बढ़ाने पर भी केंद्रित था।
Why In News
भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करते हुए, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का 24 मई, 2026 को बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, और दोनों देश एक स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अभ्यास का समापन दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। छात्रों को क्वाड और अन्य बहुपक्षीय मंचों में भारत की भूमिका पर भी ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | भारत-जापान संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' | हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा, अंतर-संचालनीयता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए रणनीतिक महत्व। |
| कब | 18-24 मई, 2026 | बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और चीन के प्रभाव के संदर्भ में समय की प्रासंगिकता। |
| कहां | बंगाल की खाड़ी | भारत की पूर्वी समुद्री सीमा की सुरक्षा और रणनीतिक पहुंच का विस्तार। |
| उद्देश्य | समुद्री सुरक्षा सहयोग, अंतर-संचालनीयता | समुद्री डोमेन जागरूकता, HADR क्षमताएं और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन। |
| महत्व | द्विपक्षीय रक्षा संबंध मजबूत | क्वाड (QUAD) सहयोग, 'एक्ट ईस्ट' नीति और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
Key Facts to Remember: भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का सफल समापन
- भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का समापन 24 मई, 2026 को हुआ।
- यह अभ्यास 18 मई से 24 मई, 2026 तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया था।
- अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और अंतर-संचालनीयता बढ़ाना था।
- भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS चेन्नई, INS सह्याद्रि और P-8I समुद्री गश्ती विमान ने भाग लिया।
- जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JMSDF) के JS किरिसामा, JS मोगामी और P-1 समुद्री गश्ती विमान शामिल थे।
- अभ्यास में एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), एंटी-सरफेस वारफेयर (ASuW) और मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) जैसे अभ्यास किए गए।
- यह अभ्यास भारत और जापान के बीच 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र और खुले नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- भारत और जापान 'क्वाड' (QUAD) समूह के भी सदस्य हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- अधिग्रहण और क्रॉस-सर्विसिंग समझौता (ACSA) दोनों देशों की सेनाओं के बीच लॉजिस्टिक समर्थन को सक्षम बनाता है।
- यह अभ्यास समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) और सूचना साझाकरण को बढ़ाने पर भी केंद्रित था।
Practice Questions
Q1. भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का आयोजन किस स्थान पर किया गया था?
- अरब सागर
- हिंद महासागर
- बंगाल की खाड़ी
- प्रशांत महासागर
Explanation: भारत और जापान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' का आयोजन 18 मई से 24 मई, 2026 तक बंगाल की खाड़ी में किया गया था। यह क्षेत्र भारत के पूर्वी तट के करीब है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय नौसेना का जहाज 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास में शामिल था?
- INS विक्रांत
- INS विक्रमादित्य
- INS चेन्नई
- INS तलवार
Explanation: संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'समुद्र शक्ति 2026' में भारतीय नौसेना के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS चेन्नई और फ्रिगेट INS सह्याद्रि ने भाग लिया था। INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य विमानवाहक पोत हैं, जबकि INS तलवार एक फ्रिगेट है लेकिन इस अभ्यास में INS चेन्नई और सह्याद्रि का उल्लेख किया गया है।
Q3. भारत और जापान के बीच एक अन्य प्रमुख द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास का नाम क्या है?
- मालाबार
- वरुण
- JIMEX
- सिम्बेक्स
Explanation: JIMEX (जापान-भारत समुद्री अभ्यास) भारत और जापान के बीच एक प्रमुख द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 2012 में हुई थी। मालाबार एक बहुपक्षीय अभ्यास है जिसमें अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं, वरुण भारत-फ्रांस अभ्यास है, और सिम्बेक्स भारत-सिंगापुर अभ्यास है।
Q4. भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने वाला अधिग्रहण और क्रॉस-सर्विसिंग समझौता (ACSA) किस वर्ष हस्ताक्षरित किया गया था?
- 2008
- 2012
- 2015
- 2020
Explanation: भारत और जापान ने अधिग्रहण और क्रॉस-सर्विसिंग समझौता (ACSA) पर 2020 में हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के ठिकानों पर ईंधन, भोजन और अन्य आपूर्ति तक पहुंच प्रदान करने की अनुमति देता है, जिससे अंतर-संचालनीयता और लॉजिस्टिक समर्थन बढ़ता है।
Q5. 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य क्या था?
- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान
- साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल का विकास
- समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) बढ़ाना
- भूमि-आधारित सैन्य रणनीतियों का अभ्यास
Explanation: 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) को बढ़ाना था। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री यातायात की निगरानी और सूचना साझाकरण के लिए MDA महत्वपूर्ण है, और इस अभ्यास में P-8I और P-1 जैसे समुद्री गश्ती विमानों का उपयोग किया गया था।
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