भारत ने 'राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन' 2026 का शुभारंभ किया: पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर जोर
भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन' का शुभारंभ किया है, जिसका उद्देश्य देश की समृद्ध जैव विविधता की रक्षा करना, लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण करना और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्रों को बहाल करना है। यह मिशन कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के अनुरूप है और सतत विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन' (NBCM) 2026 का शुभारंभ किया।
- मिशन का उद्देश्य लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण और 5 मिलियन हेक्टेयर से अधिक क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्रों की बहाली करना है।
- मिशन के लिए शुरुआती 5 वर्षों के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रारंभिक आवंटन किया गया है।
- यह मिशन कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों और संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक (2021-2030) के अनुरूप है।
- भारत विश्व के 17 मेगा-विविध देशों में से एक है और इसमें 4 जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं।
- मिशन में DNA बारकोडिंग, AI और रिमोट सेंसिंग जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा।
- संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) की भागीदारी पर जोर दिया गया है।
- यह मिशन जैव विविधता अधिनियम, 2002 और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 जैसे मौजूदा कानूनों को मजबूत करेगा।
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इस मिशन का नोडल मंत्रालय है।
- मिशन का लक्ष्य सतत विकास लक्ष्यों (SDG 14 और SDG 15) को प्राप्त करने में भी योगदान देना है।
Why In News
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज 'राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन' 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है। यह पहल देश में जैव विविधता के बढ़ते नुकसान और पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण की चिंताओं के जवाब में आई है, और यह भारत के संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Syllabus Connection
यह खबर भारत में जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र बहाली और सतत विकास के प्रयासों से संबंधित है। छात्रों को जैव विविधता के महत्व, संरक्षण कानूनों, अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है | भारत का नया राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन 2026। | जैव विविधता हानि को रोकने, पारिस्थितिकी तंत्रों को बहाल करने और सतत विकास को बढ़ावा देने का व्यापक दृष्टिकोण। |
| लक्ष्य | 5 मिलियन हेक्टेयर से अधिक क्षतिग्रस्त भूमि की बहाली, लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण। | कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF और संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक के लक्ष्यों के साथ संरेखण। |
| महत्व | भारत के 4 जैव विविधता हॉटस्पॉट की सुरक्षा, SDG 14 और 15 में योगदान। | जलवायु परिवर्तन शमन, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का संवर्धन और स्थानीय समुदायों की आजीविका पर प्रभाव। |
| कानूनी ढाँचा | जैव विविधता अधिनियम 2002, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972। | मौजूदा कानूनों का सुदृढ़ीकरण और नई चुनौतियों के लिए नीतिगत समायोजन। |
| कार्यान्वयन | पर्यावरण मंत्रालय, ₹10,000 करोड़ का आवंटन, प्रौद्योगिकी का उपयोग। | सार्वजनिक-निजी भागीदारी, स्थानीय समुदायों की भूमिका और अंतर-एजेंसी समन्वय की चुनौतियाँ। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: भारत ने 'राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन' 2026 का शुभारंभ किया: पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर जोर
- भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन' (NBCM) 2026 का शुभारंभ किया।
- मिशन का उद्देश्य लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण और 5 मिलियन हेक्टेयर से अधिक क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्रों की बहाली करना है।
- मिशन के लिए शुरुआती 5 वर्षों के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रारंभिक आवंटन किया गया है।
- यह मिशन कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों और संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक (2021-2030) के अनुरूप है।
- भारत विश्व के 17 मेगा-विविध देशों में से एक है और इसमें 4 जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं।
- मिशन में DNA बारकोडिंग, AI और रिमोट सेंसिंग जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा।
- संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) की भागीदारी पर जोर दिया गया है।
- यह मिशन जैव विविधता अधिनियम, 2002 और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 जैसे मौजूदा कानूनों को मजबूत करेगा।
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इस मिशन का नोडल मंत्रालय है।
- मिशन का लक्ष्य सतत विकास लक्ष्यों (SDG 14 और SDG 15) को प्राप्त करने में भी योगदान देना है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन (NBCM) 2026 का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
- केवल वन्यजीव व्यापार को नियंत्रित करना
- केवल नए राष्ट्रीय उद्यानों का निर्माण करना
- लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्रों की बहाली
- केवल समुद्री जैव विविधता का अध्ययन करना
Explanation: राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन (NBCM) 2026 का प्राथमिक लक्ष्य लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण करना और क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्रों की बहाली करना है। यह एक व्यापक दृष्टिकोण है जो प्रजातियों और उनके आवासों दोनों पर ध्यान केंद्रित करता है।
Q2. भारत के कितने जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं?
- 2
- 3
- 4
- 5
Explanation: भारत में चार जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं: हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा क्षेत्र और सुंडालैंड। ये क्षेत्र अपनी उच्च प्रजाति विविधता और स्थानिक प्रजातियों के लिए जाने जाते हैं।
Q3. राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन 2026 किस वैश्विक फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के अनुरूप है?
- पेरिस समझौता
- क्योटो प्रोटोकॉल
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क
- संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन पर फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC)
Explanation: राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण मिशन 2026 कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों के अनुरूप है। GBF का उद्देश्य 2030 तक जैव विविधता हानि को रोकना और उलटना है, जिसमें '30x30' लक्ष्य भी शामिल है।
Q4. जैव विविधता के संरक्षण के लिए भारत में कौन सा अधिनियम लागू है?
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- जैव विविधता अधिनियम, 2002
- जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974
Explanation: भारत में जैव विविधता के संरक्षण, उसके सतत उपयोग और आनुवंशिक संसाधनों से होने वाले लाभों के उचित और न्यायसंगत साझाकरण के लिए जैव विविधता अधिनियम, 2002 लागू है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 वन्यजीवों और उनके आवासों की सुरक्षा पर केंद्रित है।
Q5. संयुक्त राष्ट्र ने किस अवधि को 'पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक' घोषित किया है?
- 2011-2020
- 2016-2025
- 2021-2030
- 2026-2035
Explanation: संयुक्त राष्ट्र ने 2021-2030 की अवधि को 'पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक' घोषित किया है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में क्षतिग्रस्त और नष्ट हो चुके पारिस्थितिकी तंत्रों की बहाली को बढ़ावा देना है, और भारत का NBCM 2026 इसी वैश्विक पहल के अनुरूप है।
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