भारत सरकार द्वारा 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' का शुभारंभ: डिजिटल समावेशन की दिशा में नया कदम
भारत सरकार ने 5 जून, 2026 को 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' (PMGDISHA 2.0) का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत में 10 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है, जिससे वे डिजिटल सेवाओं और वित्तीय समावेशन का लाभ उठा सकें। यह अभियान देश के दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को पाटने और नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 5 जून, 2026 को 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' (PMGDISHA 2.0) का शुभारंभ किया।
- इस अभियान का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में ग्रामीण भारत में 10 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है।
- PMGDISHA 2.0 का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा किया जाएगा।
- योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है।
- प्रशिक्षण मुख्य रूप से ग्राम पंचायतों और कॉमन सर्विस सेंटरों (CSCs) के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।
- इस अभियान के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया गया है।
- महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यकों और दिव्यांग व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- यह योजना भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) ने 6 करोड़ व्यक्तियों को डिजिटल साक्षर बनाया था।
- लाभार्थियों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग, इंटरनेट ब्राउज़िंग, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
Why In News
भारत सरकार ने 5 जून, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' (PMGDISHA 2.0) का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। यह पहल पिछले PMGDISHA कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है और इसका लक्ष्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता के दायरे को और बढ़ाना है। इस लॉन्च के साथ ही देश के डिजिटल समावेशन एजेंडे को एक नई गति मिली है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत सरकार की डिजिटल साक्षरता और समावेशन से संबंधित नीतियों और योजनाओं पर केंद्रित है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए PMGDISHA 2.0 जैसी पहलों के डिजाइन और कार्यान्वयन को समझना महत्वपूर्ण है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है | ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0 (PMGDISHA 2.0) | डिजिटल समावेशन, ग्रामीण सशक्तिकरण और ज्ञान अर्थव्यवस्था के निर्माण में भूमिका। |
| कब | 5 जून, 2026 | डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजिटल साक्षरता प्रयासों का निरंतर विकास। |
| लक्ष्य | अगले 5 वर्षों में 10 करोड़ ग्रामीण व्यक्तियों को डिजिटल साक्षर बनाना। | डिजिटल विभाजन को कम करना, वित्तीय समावेशन बढ़ाना, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना। |
| मंत्रालय | इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) | सरकारी मंत्रालयों के बीच समन्वय और डिजिटल गवर्नेंस की भूमिका। |
| महत्व | AI, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा जैसे उन्नत मॉड्यूल शामिल। | उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए ग्रामीण कार्यबल को तैयार करना और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: भारत सरकार द्वारा 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' का शुभारंभ: डिजिटल समावेशन की दिशा में नया कदम
- भारत सरकार ने 5 जून, 2026 को 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0' (PMGDISHA 2.0) का शुभारंभ किया।
- इस अभियान का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में ग्रामीण भारत में 10 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है।
- PMGDISHA 2.0 का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा किया जाएगा।
- योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है।
- प्रशिक्षण मुख्य रूप से ग्राम पंचायतों और कॉमन सर्विस सेंटरों (CSCs) के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।
- इस अभियान के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया गया है।
- महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यकों और दिव्यांग व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- यह योजना भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) ने 6 करोड़ व्यक्तियों को डिजिटल साक्षर बनाया था।
- लाभार्थियों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग, इंटरनेट ब्राउज़िंग, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
Practice Questions
Q1. ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0 (PMGDISHA 2.0) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
- ग्रामीण क्षेत्रों में 5 करोड़ व्यक्तियों को डिजिटल साक्षर बनाना।
- अगले पांच वर्षों में ग्रामीण भारत में 10 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना।
- शहरी क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।
- केवल महिलाओं को डिजिटल कौशल प्रदान करना।
Explanation: PMGDISHA 2.0 का मुख्य लक्ष्य अगले पांच वर्षों में ग्रामीण भारत में 10 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
Q2. PMGDISHA 2.0 किस मंत्रालय के तहत संचालित किया जाएगा?
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)
- शिक्षा मंत्रालय
- वित्त मंत्रालय
Explanation: ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान 2.0 (PMGDISHA 2.0) का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा किया जाएगा। यह मंत्रालय भारत में डिजिटल सेवाओं और साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है।
Q3. PMGDISHA 2.0 के तहत प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किन केंद्रों का उपयोग किया जाएगा?
- केवल निजी प्रशिक्षण संस्थान
- केवल शहरी सामुदायिक केंद्र
- ग्राम पंचायतें और कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs)
- केवल सरकारी स्कूल
Explanation: PMGDISHA 2.0 के तहत प्रशिक्षण मुख्य रूप से ग्राम पंचायतों और कॉमन सर्विस सेंटरों (CSCs) के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। ये केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और प्रशिक्षण तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Q4. PMGDISHA 2.0 में कौन से नए तकनीकी मॉड्यूल शामिल किए गए हैं?
- केवल बुनियादी कंप्यूटर कौशल
- केवल इंटरनेट ब्राउज़िंग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा
- केवल डिजिटल मार्केटिंग
Explanation: PMGDISHA 2.0 में पिछली योजना की तुलना में अधिक व्यापक पाठ्यक्रम और उन्नत प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल किए गए हैं, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांत भी शामिल हैं। यह लाभार्थियों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करेगा।
Q5. पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) का लक्ष्य कितने व्यक्तियों को डिजिटल साक्षर बनाना था?
- 10 करोड़
- 6 करोड़
- 8 करोड़
- 4 करोड़
Explanation: पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण भारत में 6 करोड़ व्यक्तियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना था। PMGDISHA 2.0 इस सफलता पर आधारित है और इसका विस्तार है।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — भारत सरकार द्वारा 'ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान…
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Focus on 'Flagship' schemes: PM-KISAN, PMAY, Ayushman Bharat, PM SVANidhi. These generate the most questions.
For UPSC, understand the policy objective behind the scheme — income support, housing, health insurance. The 'why' matters more than the name.
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