भारत में राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का अनावरण: संरक्षण प्रयासों को मिलेगा नया आयाम
भारत ने 4 जून 2026 को राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति (National Biodiversity Strategy) का अनावरण किया, जिसका लक्ष्य अगले दशक में देश की समृद्ध जैव विविधता का संरक्षण और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। यह रणनीति जैव विविधता हानि को रोकने, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करती है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 4 जून 2026 को अगले दस वर्षों (2026-2036) के लिए राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति (National Biodiversity Strategy 2026) का अनावरण किया।
- इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता हानि को रोकना, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है।
- रणनीति में पांच प्रमुख स्तंभ शामिल हैं: संरक्षण, सतत उपयोग, लाभ साझाकरण, क्षमता निर्माण और मुख्यधारा में लाना।
- रणनीति 2030 तक कम से कम 30% भूमि और समुद्री क्षेत्रों को संरक्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करती है।
- यह रणनीति कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसे 2022 में COP15 में अपनाया गया था।
- भारत विश्व के 17 मेगाडाइवर्स देशों में से एक है, जिसमें पृथ्वी की कुल जैव विविधता का लगभग 7-8% हिस्सा है।
- भारत ने 1992 में जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (CBD) पर हस्ताक्षर किए और जैव विविधता अधिनियम, 2002 को लागू किया।
- रणनीति में प्रदूषण को 50% तक कम करने और आक्रामक विदेशी प्रजातियों के प्रभाव को कम करने का भी लक्ष्य है।
- स्थानीय समुदायों और उनके पारंपरिक ज्ञान को जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में मान्यता दी गई है।
- रणनीति में जैव विविधता-आधारित समाधानों (Nature-based Solutions) को जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और शमन के लिए एकीकृत किया गया है।
Why In News
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 4 जून 2026 को भारत की नई राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का अनावरण किया। यह रणनीति देश की जैव विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत करती है, जो जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (CBD) के कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों के अनुरूप है।
Syllabus Connection
यह जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और भारत की राष्ट्रीय नीतियों से संबंधित है, जो UPSC और अन्य राज्य परीक्षाओं के पर्यावरण खंड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का अनावरण। | रणनीति के प्रमुख स्तंभ (संरक्षण, सतत उपयोग, लाभ साझाकरण) और उनके निहितार्थ। |
| कब | 4 जून 2026 को, अगले 10 वर्षों (2026-2036) के लिए। | रणनीति का समय-सीमा और वैश्विक GBF लक्ष्यों के साथ इसका संरेखण। |
| कौन | पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)। | विभिन्न हितधारकों (वैज्ञानिक, समुदाय, सरकार) की भूमिका और भागीदारी। |
| क्यों | जैव विविधता हानि को रोकने और GBF लक्ष्यों को पूरा करने के लिए। | जैव विविधता हानि के कारण, इसके पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव। |
| लक्ष्य | 2030 तक 30% भूमि/समुद्री क्षेत्रों का संरक्षण, प्रदूषण में 50% कमी। | इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की चुनौतियाँ और जैव विविधता-आधारित समाधानों का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
Key Facts to Remember: भारत में राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का अनावरण: संरक्षण प्रयासों को मिलेगा नया आयाम
- भारत ने 4 जून 2026 को अगले दस वर्षों (2026-2036) के लिए राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति (National Biodiversity Strategy 2026) का अनावरण किया।
- इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता हानि को रोकना, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है।
- रणनीति में पांच प्रमुख स्तंभ शामिल हैं: संरक्षण, सतत उपयोग, लाभ साझाकरण, क्षमता निर्माण और मुख्यधारा में लाना।
- रणनीति 2030 तक कम से कम 30% भूमि और समुद्री क्षेत्रों को संरक्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करती है।
- यह रणनीति कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसे 2022 में COP15 में अपनाया गया था।
- भारत विश्व के 17 मेगाडाइवर्स देशों में से एक है, जिसमें पृथ्वी की कुल जैव विविधता का लगभग 7-8% हिस्सा है।
- भारत ने 1992 में जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (CBD) पर हस्ताक्षर किए और जैव विविधता अधिनियम, 2002 को लागू किया।
- रणनीति में प्रदूषण को 50% तक कम करने और आक्रामक विदेशी प्रजातियों के प्रभाव को कम करने का भी लक्ष्य है।
- स्थानीय समुदायों और उनके पारंपरिक ज्ञान को जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में मान्यता दी गई है।
- रणनीति में जैव विविधता-आधारित समाधानों (Nature-based Solutions) को जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और शमन के लिए एकीकृत किया गया है।
Practice Questions
Q1. भारत की नई राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण करना।
- जैव विविधता हानि को रोकना और पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना।
- जैव विविधता के सतत उपयोग पर प्रतिबंध लगाना।
- केवल संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार करना।
Explanation: राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता हानि को रोकना, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना और जैव विविधता के लाभों का न्यायसंगत बंटवारा सुनिश्चित करना है।
Q2. राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026 किस वैश्विक फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के अनुरूप है?
- पेरिस समझौता (Paris Agreement)
- क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol)
- कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF)
- नागया प्रोटोकॉल (Nagoya Protocol)
Explanation: भारत की नई राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति 2026, दिसंबर 2022 में मॉन्ट्रियल में आयोजित COP15 में अपनाए गए कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) के लक्ष्यों के अनुरूप है।
Q3. जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- नई दिल्ली
- बेंगलुरु
- चेन्नई
- मुंबई
Explanation: जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) का मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है। यह भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक स्वायत्त निकाय है।
Q4. कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF के लक्ष्य 3 का संबंध किससे है?
- प्रदूषण में कमी लाना।
- आक्रामक विदेशी प्रजातियों को नियंत्रित करना।
- 2030 तक कम से कम 30% भूमि और समुद्री क्षेत्रों का संरक्षण करना।
- जैव विविधता के सतत उपयोग को बढ़ावा देना।
Explanation: कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (GBF) का लक्ष्य 3, 2030 तक कम से कम 30% भूमि और समुद्री क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से संरक्षित करने का आह्वान करता है।
Q5. भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए कौन सा अधिनियम मुख्य कानूनी ढांचा प्रदान करता है?
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- जैव विविधता अधिनियम, 2002
- वन अधिकार अधिनियम, 2006
Explanation: जैव विविधता अधिनियम, 2002 भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है, जो जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (CBD) के प्रावधानों को लागू करता है।
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Ramsar sites and World Heritage Site additions are announced annually. Compile the year's additions — they are direct exam questions.
For UPSC, understand the international treaty context: Paris Agreement, CBD, CITES, Ramsar — know what each treaty does.
Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
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