भारत सरकार ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत नई प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया
भारत सरकार ने 17 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देना है, जिससे देश को ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने और जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह पहल भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 17 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है।
- इस योजना का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- नई योजना के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 7,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया है।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय के साथ शुरू किया गया था।
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (SIGHT) कार्यक्रम मिशन का एक प्रमुख घटक है।
- यह योजना उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) और अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर केंद्रित है।
- हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पादित किया जाता है।
- इस पहल से भारत को ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने और वैश्विक हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनने में मदद मिलेगी।
Why In News
भारत सरकार ने 17 मई, 2026 को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया है। यह घोषणा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लक्ष्यों को गति देने और देश को 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने के लिए की गई है। इस योजना से देश में हरित हाइड्रोजन के उपयोग और निर्यात की संभावनाओं को बल मिलेगा।
Syllabus Connection
यह खबर भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों, जलवायु परिवर्तन शमन रणनीतियों और हरित अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण से संबंधित है। छात्रों को हरित हाइड्रोजन के महत्व, इसके उत्पादन की विधियों और भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नई प्रोत्साहन योजना। | हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देने का उद्देश्य। |
| कब | 17 मई, 2026 को घोषित। | भारत के 2070 शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम। |
| उद्देश्य | हरित हाइड्रोजन उत्पादन लागत कम करना, घरेलू विनिर्माण बढ़ाना। | ऊर्जा सुरक्षा, डीकार्बोनाइजेशन, वैश्विक हरित हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति। |
| प्रमुख घटक | SIGHT कार्यक्रम, PLI योजना, R&D सहायता। | निजी निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजन, जीवाश्म ईंधन आयात में कमी। |
| वैश्विक संदर्भ | यूरोपीय संघ, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के समान प्रयास। | भारत की रणनीति की विशिष्टता और वैश्विक ऊर्जा कूटनीति में इसकी भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: भारत सरकार ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत नई प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया
- भारत सरकार ने 17 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है।
- इस योजना का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- नई योजना के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 7,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया है।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय के साथ शुरू किया गया था।
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (SIGHT) कार्यक्रम मिशन का एक प्रमुख घटक है।
- यह योजना उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) और अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर केंद्रित है।
- हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पादित किया जाता है।
- इस पहल से भारत को ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने और वैश्विक हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनने में मदद मिलेगी।
Practice Questions
Q1. भारत सरकार द्वारा 17 मई, 2026 को घोषित नई प्रोत्साहन योजना किस मिशन का हिस्सा है?
- राष्ट्रीय सौर मिशन
- राष्ट्रीय पवन ऊर्जा मिशन
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
- राष्ट्रीय जैव ईंधन मिशन
Explanation: भारत सरकार ने 17 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। यह मिशन देश को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए शुरू किया गया था।
Q2. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का प्रारंभिक परिव्यय कितना था, जब इसे जनवरी 2023 में मंजूरी दी गई थी?
- 9,744 करोड़ रुपये
- 14,744 करोड़ रुपये
- 19,744 करोड़ रुपये
- 24,744 करोड़ रुपये
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के प्रारंभिक परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी। इस मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
Q3. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2030
- 2047
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। हरित हाइड्रोजन मिशन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करेगा और उद्योगों को डीकार्बोनाइज करेगा।
Q4. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 2030 तक प्रति वर्ष कितना हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है?
- 2 मिलियन मीट्रिक टन (MMT)
- 3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT)
- 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT)
- 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT)
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है। यह भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
Q5. हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए किस प्रक्रिया में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग किया जाता है?
- दहन (Combustion)
- पायरोलिसिस (Pyrolysis)
- इलेक्ट्रोलिसिस (Electrolysis)
- गैसीकरण (Gasification)
Explanation: हरित हाइड्रोजन का उत्पादन पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करती है, जिससे कोई ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन नहीं होता है।
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