अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते: जलवायु परिवर्तन से लेकर व्यापार तक, वैश्विक सहयोग की चुनौतियाँ
अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जो जलवायु परिवर्तन, व्यापार, मानवाधिकार और सुरक्षा जैसे विभिन्न मुद्दों पर देशों को एक साथ लाते हैं। हाल के वर्षों में, इन समझौतों को भू-राजनीतिक तनावों, राष्ट्रवाद के उदय और बहुपक्षवाद के प्रति घटते भरोसे के कारण महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत इन समझौतों में एक सक्रिय भागीदार रहा है, जो वैश्विक चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधानों की वकालत करता है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी होते हैं।
- वियना कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रीटीज (1969) संधियों के निर्माण, व्याख्या और समाप्ति के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
- पेरिस समझौता (2015) का लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5°C तक सीमित करना है।
- भारत ने पेरिस समझौते की पुष्टि की है और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के तहत व्यापार समझौतों को अपीलीय निकाय के गतिरोध जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
- भारत परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है, क्योंकि वह उन्हें भेदभावपूर्ण मानता है।
- भू-राजनीतिक तनाव, राष्ट्रवाद और संप्रभुता के मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के अनुपालन और प्रवर्तन में बाधा डालते हैं।
- भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) जैसी पहलें शुरू की हैं, जो वैश्विक जलवायु कार्रवाई में उसके नेतृत्व को दर्शाती हैं।
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 253 संसद को अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है।
- डिजिटल व्यापार और साइबर सुरक्षा जैसे नए क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय समझौतों की आवश्यकता बढ़ रही है।
Why In News
हाल ही में, कई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संधियों और समझौतों को लेकर वैश्विक स्तर पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रगति की धीमी गति, विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सुधारों की आवश्यकता, और विभिन्न देशों द्वारा बहुपक्षीय समझौतों से पीछे हटने की प्रवृत्ति ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Syllabus Connection
यह लेख अंतर्राष्ट्रीय संधियों और समझौतों के महत्व, उनके सामने आने वाली चुनौतियों और भारत की भूमिका को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। छात्रों को विभिन्न प्रमुख संधियों (जैसे पेरिस समझौता, WTO) और भारत की विदेश नीति के सिद्धांतों पर ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते | वैश्विक शासन, सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय कानून में उनकी भूमिका का विश्लेषण। |
| प्रमुख संधियाँ | पेरिस समझौता, WTO, NPT | इन संधियों के उद्देश्य, प्रावधान और वैश्विक प्रभाव का गहन विश्लेषण। |
| चुनौतियाँ | संप्रभुता, राष्ट्रवाद, प्रवर्तन | अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के अनुपालन और प्रभावशीलता में बाधा डालने वाले कारकों का मूल्यांकन। |
| भारत की स्थिति | सक्रिय भागीदार, कुछ संधियों से दूरी | भारत की विदेश नीति के सिद्धांत, राष्ट्रीय हित और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन। |
| कानूनी आधार | अनुच्छेद 253, वियना कन्वेंशन | घरेलू कानून में अंतर्राष्ट्रीय संधियों के एकीकरण की प्रक्रिया और महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–4 | Summits, UN resolutions, and India's foreign policy are included in Railway GK. |
Key Facts to Remember: अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते: जलवायु परिवर्तन से लेकर व्यापार तक, वैश्विक सहयोग की चुनौतियाँ
- अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी होते हैं।
- वियना कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रीटीज (1969) संधियों के निर्माण, व्याख्या और समाप्ति के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
- पेरिस समझौता (2015) का लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5°C तक सीमित करना है।
- भारत ने पेरिस समझौते की पुष्टि की है और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के तहत व्यापार समझौतों को अपीलीय निकाय के गतिरोध जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
- भारत परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है, क्योंकि वह उन्हें भेदभावपूर्ण मानता है।
- भू-राजनीतिक तनाव, राष्ट्रवाद और संप्रभुता के मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के अनुपालन और प्रवर्तन में बाधा डालते हैं।
- भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) जैसी पहलें शुरू की हैं, जो वैश्विक जलवायु कार्रवाई में उसके नेतृत्व को दर्शाती हैं।
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 253 संसद को अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है।
- डिजिटल व्यापार और साइबर सुरक्षा जैसे नए क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय समझौतों की आवश्यकता बढ़ रही है।
Practice Questions
Q1. अंतर्राष्ट्रीय संधियों को नियंत्रित करने वाले नियमों का प्राथमिक स्रोत कौन सा है?
- जेनेवा कन्वेंशन
- वियना कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रीटीज
- क्योटो प्रोटोकॉल
- रोम संविधि
Explanation: वियना कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रीटीज (1969) अंतर्राष्ट्रीय संधियों को नियंत्रित करने वाले नियमों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह संधियों के निर्माण, व्याख्या, वैधता और समाप्ति के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है, जिसे 'संधियों का कानून' भी कहा जाता है।
Q2. पेरिस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाधाओं को दूर करना
- वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करना
- परमाणु हथियारों के अप्रसार को बढ़ावा देना
- मानवाधिकारों के उल्लंघन की निगरानी करना
Explanation: पेरिस समझौता (2015) जलवायु परिवर्तन पर एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय संधि है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2°C से काफी नीचे और 1.5°C तक सीमित करने के प्रयासों को मजबूत करना है, ताकि जलवायु परिवर्तन के खतरनाक प्रभावों से बचा जा सके।
Q3. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने COP26 ग्लासगो शिखर सम्मेलन में 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य भारत की जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इसे प्राप्त करने के लिए विभिन्न नीतियों और पहलों पर काम किया जा रहा है।
Q4. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद संसद को अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है?
- अनुच्छेद 245
- अनुच्छेद 246
- अनुच्छेद 253
- अनुच्छेद 254
Explanation: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 253 संसद को किसी अन्य देश या देशों के साथ किसी भी संधि, समझौते या कन्वेंशन को लागू करने के लिए भारत के पूरे क्षेत्र या उसके किसी भी हिस्से के लिए कोई भी कानून बनाने का अधिकार देता है। यह भारत को अपनी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी संधि को भारत 'भेदभावपूर्ण' मानता है और इसलिए उसका हस्ताक्षरकर्ता नहीं है?
- पेरिस समझौता
- विश्व व्यापार संगठन समझौता
- परमाणु अप्रसार संधि (NPT)
- समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNCLOS)
Explanation: भारत परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) को भेदभावपूर्ण मानता है क्योंकि ये संधियाँ परमाणु शक्तियों और गैर-परमाणु शक्तियों के बीच अंतर करती हैं, जिससे भारत ने इन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भारत एक सार्वभौमिक, गैर-भेदभावपूर्ण और सत्यापन योग्य निरस्त्रीकरण व्यवस्था का पक्षधर है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और समझौते: जलवायु परिवर्तन…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz