ISRO ने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 20 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियन-5 रॉकेट का उपयोग करके अपने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह उपग्रह भारत की संचार क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, विशेष रूप से ब्रॉडबैंड इंटरनेट, टेलीविजन प्रसारण और डिजिटल सेवाओं के लिए। यह प्रक्षेपण भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ISRO ने 20 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना से GSAT-24R संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया।
- प्रक्षेपण एरियनस्पेस के एरियन-5 रॉकेट का उपयोग करके किया गया।
- GSAT-24R एक उच्च क्षमता वाला संचार उपग्रह है जिसका वजन लगभग 4,180 किलोग्राम है।
- यह उपग्रह 12 Ku-बैंड ट्रांसपोंडर से लैस है और इसका मिशन जीवनकाल 15 वर्ष है।
- यह मुख्य रूप से टाटा प्ले जैसी डीटीएच सेवा प्रदाताओं की आवश्यकताओं को पूरा करेगा और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।
- यह मिशन ISRO की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा पूरी तरह से वित्तपोषित और स्वामित्व वाला है।
- यह भारत के डिजिटल इंडिया पहल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को मजबूत करता है।
- प्रक्षेपण भारत को वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।
Why In News
ISRO ने 20 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना से अपने अत्याधुनिक संचार उपग्रह GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया है। यह प्रक्षेपण भारत की संचार अवसंरचना को मजबूत करने और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यह आज की प्रमुख सुर्खियों में शामिल हो गया है। इस मिशन की सफलता ने भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और अधिक स्थापित किया है।
Syllabus Connection
छात्रों को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, ISRO के विभिन्न उपग्रह मिशनों (विशेषकर संचार उपग्रहों), प्रक्षेपण यानों, और अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | GSAT-24R संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण। | भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी और आत्मनिर्भरता में संचार उपग्रहों की भूमिका का विश्लेषण। |
| कौन | ISRO और उसकी वाणिज्यिक शाखा NSIL। | अंतरिक्ष क्षेत्र में ISRO की भूमिका और निजी क्षेत्र की भागीदारी के महत्व पर चर्चा। |
| कहाँ | फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियन-5 रॉकेट द्वारा। | अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की स्थिति का मूल्यांकन। |
| कब | 20 मई, 2026। | भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के ऐतिहासिक विकास और भविष्य की दिशा पर प्रकाश। |
| महत्व | डीटीएच, ब्रॉडबैंड सेवाएं, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा। | सामाजिक-आर्थिक विकास, आपदा प्रबंधन और रणनीतिक संचार में उपग्रहों का योगदान। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Banking (IBPS / SBI) | Low | 1–2 | Occasionally tested via banking technology, fintech, or climate-science crossovers. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
Key Facts to Remember: ISRO ने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफल प्रक्षेपण किया
- ISRO ने 20 मई, 2026 को फ्रेंच गुयाना से GSAT-24R संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया।
- प्रक्षेपण एरियनस्पेस के एरियन-5 रॉकेट का उपयोग करके किया गया।
- GSAT-24R एक उच्च क्षमता वाला संचार उपग्रह है जिसका वजन लगभग 4,180 किलोग्राम है।
- यह उपग्रह 12 Ku-बैंड ट्रांसपोंडर से लैस है और इसका मिशन जीवनकाल 15 वर्ष है।
- यह मुख्य रूप से टाटा प्ले जैसी डीटीएच सेवा प्रदाताओं की आवश्यकताओं को पूरा करेगा और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।
- यह मिशन ISRO की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा पूरी तरह से वित्तपोषित और स्वामित्व वाला है।
- यह भारत के डिजिटल इंडिया पहल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को मजबूत करता है।
- प्रक्षेपण भारत को वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।
Practice Questions
Q1. ISRO द्वारा 20 मई, 2026 को प्रक्षेपित GSAT-24R उपग्रह का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- पृथ्वी अवलोकन और मौसम पूर्वानुमान
- नेविगेशन और जीपीएस सेवाएं
- संचार सेवाएं, विशेष रूप से डीटीएच और ब्रॉडबैंड
- अंतरिक्ष अनुसंधान और ग्रहों की खोज
Explanation: GSAT-24R एक संचार उपग्रह है जिसे विशेष रूप से भारत की संचार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें डीटीएच टेलीविजन प्रसारण और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं शामिल हैं। यह उपग्रह 12 Ku-बैंड ट्रांसपोंडर से लैस है जो उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करेगा।
Q2. GSAT-24R का प्रक्षेपण किस प्रक्षेपण यान का उपयोग करके किया गया था?
- PSLV-C56
- GSLV Mk-III
- एरियन-5
- फाल्कन 9
Explanation: GSAT-24R एक भारी उपग्रह है, जिसका वजन लगभग 4,180 किलोग्राम है। ऐसे भारी उपग्रहों को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में लॉन्च करने के लिए एरियनस्पेस के विश्वसनीय एरियन-5 रॉकेट का उपयोग किया गया था, जो फ्रेंच गुयाना से संचालित होता है।
Q3. न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. यह ISRO की वाणिज्यिक शाखा है। 2. यह GSAT-24R मिशन का पूर्ण स्वामित्व और वित्तपोषण करता है। 3. इसका मुख्य उद्देश्य भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देना है। उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
Explanation: न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ISRO की वाणिज्यिक शाखा है, जिसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने और वाणिज्यिक मिशनों को संभालने के लिए स्थापित किया गया था। GSAT-24R मिशन NSIL द्वारा पूरी तरह से वित्तपोषित और स्वामित्व वाला एक 'मांग-संचालित' मिशन है, जो इसके उद्देश्यों के अनुरूप है।
Q4. GSAT-24R उपग्रह को कहाँ से प्रक्षेपित किया गया था?
- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, भारत
- केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका
- कौरू, फ्रेंच गुयाना
- बैकोनूर कोस्मोड्रोम, कजाकिस्तान
Explanation: GSAT-24R का प्रक्षेपण फ्रेंच गुयाना के कौरू स्थित एरियनस्पेस के प्रक्षेपण स्थल से किया गया था। ISRO अक्सर अपने भारी उपग्रहों के लिए एरियनस्पेस जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की सेवाओं का उपयोग करता है क्योंकि उनके पास उच्च पेलोड क्षमता वाले रॉकेट उपलब्ध होते हैं।
Q5. GSAT-24R उपग्रह का अनुमानित मिशन जीवनकाल कितना है?
- 5 वर्ष
- 10 वर्ष
- 15 वर्ष
- 20 वर्ष
Explanation: GSAT-24R उपग्रह को लगभग 15 वर्षों के मिशन जीवनकाल के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह लंबी अवधि भारत को इस अवधि के दौरान विश्वसनीय और निर्बाध संचार सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगी, जिससे निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलेगा।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — ISRO ने अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह GSAT-24R का सफ…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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