राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने हेतु नई प्रोत्साहन योजनाएँ
भारत सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई नई प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की है। इन योजनाओं का उद्देश्य देश में हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को गति देना, निवेश आकर्षित करना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। यह कदम भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को 4 जनवरी, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था।
- मिशन का कुल परिव्यय 19,744 करोड़ रुपये है, जिसमें SIGHT कार्यक्रम के लिए 17,490 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगभग 125 गीगावाट (GW) की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विकास होगा।
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 19 मई, 2026 को नई उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं की घोषणा की।
- नई योजनाओं से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने और 6 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
- पायलट परियोजनाएं इस्पात, शिपिंग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देंगी।
- हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- भारत ने COP26 में 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- SIGHT कार्यक्रम का पूर्ण रूप Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition है।
Why In News
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 19 मई, 2026 को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और इसके अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत दिशानिर्देशों के साथ नई प्रोत्साहन योजनाओं का अनावरण किया। यह घोषणा भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन केंद्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और देश की ऊर्जा सुरक्षा तथा जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी।
Syllabus Connection
यह समाचार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और इसकी नई प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित है, जो भारत के ऊर्जा संक्रमण, जलवायु परिवर्तन शमन और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। छात्रों को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं और संबंधित सरकारी नीतियों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नई प्रोत्साहन योजनाएँ | हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार की रणनीति और इसके निहितार्थ |
| कब | 19 मई, 2026 को घोषणा; मिशन 4 जनवरी, 2023 को अनुमोदित | भारत की ऊर्जा नीति में हरित हाइड्रोजन की बढ़ती भूमिका का कालक्रम और भविष्य की दिशा |
| लक्ष्य | 2030 तक 5 MMT उत्पादन, 8 लाख करोड़ रुपये का निवेश | लक्ष्यों की व्यवहार्यता, चुनौतियाँ और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर प्रभाव |
| महत्व | ऊर्जा सुरक्षा, कार्बन उत्सर्जन में कमी, रोजगार सृजन | जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और भू-राजनीतिक ऊर्जा समीकरणों पर दीर्घकालिक प्रभाव |
| योजनाएँ | PLI, पायलट परियोजनाएँ, R&D, बुनियादी ढाँचा विकास | इन योजनाओं का कार्यान्वयन, वित्तपोषण और विभिन्न क्षेत्रों पर इनका प्रभाव |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने हेतु नई प्रोत्साहन योजनाएँ
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को 4 जनवरी, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था।
- मिशन का कुल परिव्यय 19,744 करोड़ रुपये है, जिसमें SIGHT कार्यक्रम के लिए 17,490 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगभग 125 गीगावाट (GW) की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विकास होगा।
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 19 मई, 2026 को नई उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं की घोषणा की।
- नई योजनाओं से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने और 6 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
- पायलट परियोजनाएं इस्पात, शिपिंग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देंगी।
- हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- भारत ने COP26 में 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- SIGHT कार्यक्रम का पूर्ण रूप Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को भारत सरकार द्वारा किस वर्ष अनुमोदित किया गया था?
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 4 जनवरी, 2023 को अनुमोदित किया गया था। यह भारत के ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
Q2. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत भारत का 2030 तक हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य क्या है?
- 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 10 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
Explanation: भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा और डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।
Q3. SIGHT कार्यक्रम, जो राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का एक घटक है, का पूर्ण रूप क्या है?
- Strategic Initiative for Green Hydrogen Technology
- Sustainable Investment for Green Hydrogen Transition
- Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition
- Systematic Innovation for Green Hydrogen Transformation
Explanation: SIGHT कार्यक्रम का पूर्ण रूप Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition है। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रोलाइजर के घरेलू विनिर्माण और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
Q4. हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?
- मीथेन सुधार
- कोयला गैसीकरण
- पानी का इलेक्ट्रोलिसिस
- पेट्रोलियम रिफाइनिंग
Explanation: हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (जैसे सौर या पवन ऊर्जा) का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है। यह प्रक्रिया कार्बन उत्सर्जन मुक्त होती है, जिससे इसे 'हरित' कहा जाता है।
Q5. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने COP26 में 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
How to Prepare Environment for Government Exams — राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: उत्पादन और उपयोग क…
Ramsar sites and World Heritage Site additions are announced annually. Compile the year's additions — they are direct exam questions.
For UPSC, understand the international treaty context: Paris Agreement, CBD, CITES, Ramsar — know what each treaty does.
Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz