राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: चरण-II के तहत नए प्रोत्साहन और लक्ष्य निर्धारित
भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के दूसरे चरण की घोषणा की। इस चरण का उद्देश्य देश को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है, जिसमें उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नए प्रोत्साहन और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का दूसरा चरण 24 मई, 2026 को लॉन्च किया गया।
- इस चरण के लिए अगले 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आवंटित किया गया है।
- मिशन का कुल अनुमानित परिव्यय अब लगभग 70,000 करोड़ रुपये हो गया है।
- लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता स्थापित करना है।
- हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को 1 डॉलर प्रति किलोग्राम तक लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
- सरकार का लक्ष्य 50 GW की इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता स्थापित करना है।
- नए प्रोत्साहनों में विशेष सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास के लिए फंडिंग और कर रियायतें शामिल हैं।
- केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह ने इसकी घोषणा की।
- यह मिशन भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।
- स्टील, उर्वरक और परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के अनिवार्य मिश्रण पर विचार किया जा रहा है।
Why In News
यह घोषणा 24 मई, 2026 को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा की गई है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण की सफलता और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में हरित हाइड्रोजन के बढ़ते महत्व को देखते हुए, सरकार ने इस मिशन को और अधिक गति देने का निर्णय लिया है।
Syllabus Connection
यह लेख राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण, उसके लक्ष्यों और प्रोत्साहनों पर केंद्रित है। छात्रों को नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन शमन, ऊर्जा सुरक्षा और भारत की शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्रतिबद्धताओं के संदर्भ में हरित हाइड्रोजन के महत्व को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का दूसरा चरण | भारत की ऊर्जा सुरक्षा, डीकार्बोनाइजेशन और वैश्विक हरित ऊर्जा नेतृत्व की रणनीति |
| कब | 24 मई, 2026 | पहले चरण की सफलता के बाद भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को गति देने का महत्वपूर्ण कदम |
| लक्ष्य (2030) | 10 MMT/वर्ष उत्पादन, 1 डॉलर/किग्रा लागत | हरित हाइड्रोजन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना |
| निवेश | 50,000 करोड़ रुपये (अतिरिक्त) | अनुसंधान, विकास, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के लिए सरकार का मजबूत वित्तीय समर्थन |
| महत्व | 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता | जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देना |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: चरण-II के तहत नए प्रोत्साहन और लक्ष्य निर्धारित
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का दूसरा चरण 24 मई, 2026 को लॉन्च किया गया।
- इस चरण के लिए अगले 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आवंटित किया गया है।
- मिशन का कुल अनुमानित परिव्यय अब लगभग 70,000 करोड़ रुपये हो गया है।
- लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता स्थापित करना है।
- हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को 1 डॉलर प्रति किलोग्राम तक लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
- सरकार का लक्ष्य 50 GW की इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता स्थापित करना है।
- नए प्रोत्साहनों में विशेष सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास के लिए फंडिंग और कर रियायतें शामिल हैं।
- केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह ने इसकी घोषणा की।
- यह मिशन भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।
- स्टील, उर्वरक और परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के अनिवार्य मिश्रण पर विचार किया जा रहा है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण के तहत 2030 तक भारत का हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य क्या है?
- 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 10 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 20 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण के तहत, भारत ने 2030 तक 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाएगा।
Q2. हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण के लिए अगले 5 वर्षों में कितना अतिरिक्त निवेश आवंटित किया गया है?
- 19,744 करोड़ रुपये
- 30,000 करोड़ रुपये
- 50,000 करोड़ रुपये
- 70,000 करोड़ रुपये
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण के लिए अगले 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आवंटित किया गया है। यह भारी-भरकम निवेश हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
Q3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का नोडल मंत्रालय कौन-सा है?
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- भारी उद्योग मंत्रालय
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का नोडल मंत्रालय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) है। यह मंत्रालय भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है।
Q4. हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को 2030 तक कितने डॉलर प्रति किलोग्राम तक लाने का लक्ष्य रखा गया है?
- 0.5 डॉलर
- 1 डॉलर
- 2 डॉलर
- 3 डॉलर
Explanation: मिशन का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को मौजूदा 3-4 डॉलर प्रति किलोग्राम से घटाकर 1 डॉलर प्रति किलोग्राम तक लाना है। यह लागत में कमी हरित हाइड्रोजन को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
Q5. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें हरित हाइड्रोजन मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करेगा।
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