राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का शुभारंभ: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम
भारत सरकार ने 23 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य देश में हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देना है। इस चरण में ₹35,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की गई है, जिससे भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन केंद्र बनाने और ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से हाइड्रोजन उत्पादन को प्रोत्साहन देकर जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होगी।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 23 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
- दूसरे चरण के लिए ₹35,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया, जिससे कुल परिव्यय ₹54,744 करोड़ हो गया।
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- इसका उद्देश्य 2030 तक हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को $1 प्रति किलोग्राम तक लाना है।
- यह मिशन 2030 तक लगभग ₹8 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और 6 लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने की उम्मीद है।
- हरित हाइड्रोजन हब की स्थापना और निर्यात प्रोत्साहन दूसरे चरण की प्रमुख पहलें हैं।
- मिशन का पहला चरण जनवरी 2023 में ₹19,744 करोड़ के प्रारंभिक परिव्यय के साथ शुरू हुआ था।
- यह पहल भारत को 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी।
- रणनीतिक हस्तक्षेप हरित हाइड्रोजन संक्रमण (SIGHT) कार्यक्रम मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है।
- गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए अपनी नीतियां विकसित कर रहे हैं।
Why In News
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का शुभारंभ 23 मई, 2026 को केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किया गया, जिसमें अगले पाँच वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य और ₹35,000 करोड़ का नया वित्तीय आवंटन शामिल है। यह घोषणा भारत को 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में इसकी भूमिका को मजबूत करेगी।
Syllabus Connection
यह लेख भारत की ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों और जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की भूमिका पर केंद्रित है। छात्रों को ऊर्जा संक्रमण, डीकार्बोनाइजेशन और संबंधित सरकारी योजनाओं की अवधारणाओं को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का दूसरा चरण शुरू। | हरित हाइड्रोजन के महत्व, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों से इसका संबंध। |
| कब | 23 मई, 2026 को। | मिशन के चरणों का समय और 2030, 2070 के लक्ष्यों का संदर्भ। |
| परिव्यय | कुल ₹54,744 करोड़ का परिव्यय। | निवेश के आर्थिक प्रभाव, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर विश्लेषण। |
| लक्ष्य | 2030 तक 5 MMT उत्पादन, $1/किग्रा लागत। | लक्ष्यों की व्यवहार्यता, तकनीकी चुनौतियां और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति। |
| महत्व | ऊर्जा सुरक्षा, शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य। | भारत की भू-राजनीतिक स्थिति पर प्रभाव, आयात निर्भरता में कमी और वैश्विक नेतृत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का शुभारंभ: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम
- भारत सरकार ने 23 मई, 2026 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
- दूसरे चरण के लिए ₹35,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया, जिससे कुल परिव्यय ₹54,744 करोड़ हो गया।
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- इसका उद्देश्य 2030 तक हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को $1 प्रति किलोग्राम तक लाना है।
- यह मिशन 2030 तक लगभग ₹8 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और 6 लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने की उम्मीद है।
- हरित हाइड्रोजन हब की स्थापना और निर्यात प्रोत्साहन दूसरे चरण की प्रमुख पहलें हैं।
- मिशन का पहला चरण जनवरी 2023 में ₹19,744 करोड़ के प्रारंभिक परिव्यय के साथ शुरू हुआ था।
- यह पहल भारत को 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी।
- रणनीतिक हस्तक्षेप हरित हाइड्रोजन संक्रमण (SIGHT) कार्यक्रम मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है।
- गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए अपनी नीतियां विकसित कर रहे हैं।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण के शुभारंभ के बाद, मिशन का कुल वित्तीय परिव्यय कितना हो गया है?
- ₹19,744 करोड़
- ₹35,000 करोड़
- ₹54,744 करोड़
- ₹75,000 करोड़
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का प्रारंभिक परिव्यय ₹19,744 करोड़ था। दूसरे चरण में ₹35,000 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया, जिससे कुल परिव्यय ₹19,744 करोड़ + ₹35,000 करोड़ = ₹54,744 करोड़ हो गया है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।
Q2. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का प्राथमिक लक्ष्य किस वर्ष तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है?
- 2035
- 2040
- 2025
- 2030
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का एक प्रमुख लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है। यह लक्ष्य भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने और डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों में योगदान करने के लिए निर्धारित किया गया है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा कार्यक्रम राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इलेक्ट्रोलाइजर के निर्माण और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है?
- प्रधानमंत्री ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM)
- राष्ट्रीय सौर मिशन
- रणनीतिक हस्तक्षेप हरित हाइड्रोजन संक्रमण (SIGHT) कार्यक्रम
- उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना
Explanation: रणनीतिक हस्तक्षेप हरित हाइड्रोजन संक्रमण (SIGHT) कार्यक्रम राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो इलेक्ट्रोलाइजर के निर्माण और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है। इसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण और उत्पादन को बढ़ावा देना है।
Q4. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसका समर्थन हरित हाइड्रोजन मिशन करता है?
- 2040
- 2050
- 2060
- 2070
Explanation: भारत ने COP26 ग्लासगो शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 'पंचामृत' प्रतिज्ञाओं के तहत 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Q5. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण में अनुसंधान एवं विकास पर कितना आवंटन किया गया है?
- ₹1,000 करोड़
- ₹2,500 करोड़
- ₹5,000 करोड़
- ₹10,000 करोड़
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण में अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें नई इलेक्ट्रोलाइजर प्रौद्योगिकियों, भंडारण समाधानों और परिवहन विधियों के विकास के लिए ₹5,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। यह तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के दूसरे चरण का शुभ…
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