राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का शुभारंभ: शहरी गरीबों को सशक्त बनाने की नई पहल
भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना और उनकी आजीविका में सुधार करना है। यह योजना शहरी गरीबों के लिए न्यूनतम 100 दिनों के गारंटीकृत रोजगार का वादा करती है, जिसमें कौशल विकास और सामुदायिक संपत्ति निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का शुभारंभ 24 मई, 2026 को हुआ।
- यह योजना केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तैयार की गई है।
- NUREGS का उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 100 दिनों का गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करना है।
- योजना के पहले चरण में देश के 100 सबसे अधिक आबादी वाले शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को शामिल किया जाएगा।
- योजना के लिए प्रारंभिक बजटीय आवंटन ₹50,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार 75% और राज्य सरकारें 25% का योगदान करेंगी।
- योजना में कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
- यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो लाभार्थी बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा।
- योजना के तहत शहरी बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक संपत्ति निर्माण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का शहरी समकक्ष है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) और डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
- शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- NUREGS 2026 का लक्ष्य शहरी गरीबी को कम करना और शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
Why In News
भारत सरकार ने 24 मई, 2026 को देश के शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को संबोधित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का औपचारिक शुभारंभ किया। यह योजना शहरी गरीबों के लिए एक सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई है, जो COVID-19 महामारी के बाद से शहरी अर्थव्यवस्था में आए ठहराव और अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की कमी को देखते हुए विशेष रूप से प्रासंगिक है।
Syllabus Connection
यह समाचार शहरी गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सरकारी नीतियों और योजनाओं के डिजाइन, कार्यान्वयन और उनके संभावित प्रभावों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। छात्रों को MGNREGA के साथ इसकी तुलना और शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका पर ध्यान देना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 | शहरी गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा जाल और शहरी बुनियादी ढांचे का विकास। |
| कब | 24 मई, 2026 को शुभारंभ | शहरीकरण की चुनौतियों और महामारी के बाद की आर्थिक स्थितियों के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता। |
| कौन | केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय | केंद्र-राज्य सहयोग, ULBs की भूमिका और क्षमता निर्माण की आवश्यकता। |
| उद्देश्य | 100 दिन का गारंटीकृत शहरी रोजगार | शहरी गरीबी उन्मूलन, आजीविका सुरक्षा, बुनियादी ढांचा विकास और लैंगिक समानता को बढ़ावा। |
| वित्तपोषण | ₹50,000 करोड़ (केंद्र 75%, राज्य 25%) | बजटीय स्थिरता, राज्यों पर वित्तीय बोझ और योजना की दीर्घकालिक व्यवहार्यता पर प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का शुभारंभ: शहरी गरीबों को सशक्त बनाने की नई पहल
- राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का शुभारंभ 24 मई, 2026 को हुआ।
- यह योजना केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तैयार की गई है।
- NUREGS का उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 100 दिनों का गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करना है।
- योजना के पहले चरण में देश के 100 सबसे अधिक आबादी वाले शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को शामिल किया जाएगा।
- योजना के लिए प्रारंभिक बजटीय आवंटन ₹50,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार 75% और राज्य सरकारें 25% का योगदान करेंगी।
- योजना में कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
- यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो लाभार्थी बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा।
- योजना के तहत शहरी बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक संपत्ति निर्माण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का शहरी समकक्ष है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) और डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
- शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- NUREGS 2026 का लक्ष्य शहरी गरीबी को कम करना और शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 का शुभारंभ किस मंत्रालय द्वारा किया गया है?
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- वित्त मंत्रालय
- आवास और शहरी कार्य मंत्रालय
- श्रम और रोजगार मंत्रालय
Explanation: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 को केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है और इसका शुभारंभ भी इसी मंत्रालय के तत्वावधान में हुआ है। यह योजना शहरी क्षेत्रों पर केंद्रित है, इसलिए आवास और शहरी कार्य मंत्रालय इसकी नोडल एजेंसी है।
Q2. NUREGS 2026 के तहत शहरी गरीब परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष में कितने दिनों के गारंटीकृत रोजगार का प्रावधान है?
- 50 दिन
- 75 दिन
- 100 दिन
- 150 दिन
Explanation: NUREGS 2026 का मुख्य उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 100 दिनों का गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। यह प्रावधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के समान है।
Q3. NUREGS 2026 के प्रारंभिक आवंटन में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का योगदान अनुपात क्या है?
- 50:50
- 60:40
- 75:25
- 80:20
Explanation: NUREGS 2026 के लिए ₹50,000 करोड़ के प्रारंभिक आवंटन में केंद्र सरकार 75% और राज्य सरकारें 25% का योगदान करेंगी। यह केंद्र-प्रायोजित योजना का एक सामान्य वित्तपोषण पैटर्न है।
Q4. NUREGS 2026 के तहत रोजगार न मिलने की स्थिति में लाभार्थी को कितने दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का अधिकार होगा?
- 7 दिन
- 10 दिन
- 15 दिन
- 30 दिन
Explanation: NUREGS 2026 के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी इच्छुक लाभार्थी को आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का अधिकार होगा। यह योजना का एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा घटक है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन-सी योजना NUREGS 2026 का शहरी समकक्ष मानी जा सकती है?
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
Explanation: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026 को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का शहरी समकक्ष माना जाता है। दोनों योजनाओं का मूल उद्देश्य गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बस उनके लक्ष्य क्षेत्र (ग्रामीण बनाम शहरी) अलग-अलग हैं।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) 2026…
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