महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नई राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना: 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान'
केंद्र सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाने और उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' नामक एक नई राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना शुरू की है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास, बाजार लिंकेज और डिजिटल साक्षरता प्रदान करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और समावेशी विकास को गति देना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- केंद्र सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' नामक नई योजना शुरू की है।
- यह योजना 28 मई, 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई।
- अभियान का उद्देश्य SHGs को सूक्ष्म-उद्यमों में परिवर्तित करना और उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
- योजना के लिए अगले पांच वर्षों हेतु 15,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया गया है।
- प्रमुख घटकों में वित्तीय सहायता, कौशल विकास, बाजार लिंकेज और डिजिटल साक्षरता शामिल हैं।
- प्रत्येक SHG को 2 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करने का प्रावधान है।
- SHGs के उत्पादों को बेचने और जानकारी प्राप्त करने के लिए 'नारी शक्ति पोर्टल' लॉन्च किया गया है।
- यह योजना 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों के अनुरूप है।
- यह दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की सफलताओं पर आधारित है।
- योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Why In News
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 28 मई, 2026 को 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' का शुभारंभ किया है, जो महिला स्वयं सहायता समूहों को अभूतपूर्व समर्थन प्रदान करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रस्तुत करता है। यह योजना मौजूदा SHG कार्यक्रमों की सफलताओं पर आधारित है और इसमें डिजिटल एकीकरण तथा बाजार पहुंच पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे यह तत्काल एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल बन गई है।
Syllabus Connection
यह योजना महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन और सूक्ष्म-उद्यमों को बढ़ावा देने से संबंधित है। छात्रों को SHGs की भूमिका, सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके समर्थन और समावेशी विकास पर उनके प्रभाव का अध्ययन करना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' नामक नई योजना। | SHGs के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव। |
| कब | 28 मई, 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू। | मौजूदा SHG कार्यक्रमों की सफलताओं पर निर्माण और भविष्य की दिशा। |
| लाभार्थी | महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs)। | SHGs के सामने आने वाली चुनौतियाँ और यह योजना उन्हें कैसे संबोधित करती है। |
| मुख्य प्रावधान | वित्तीय सहायता, कौशल विकास, बाजार लिंकेज, डिजिटल साक्षरता। | इन प्रावधानों का सूक्ष्म-उद्यमों के विकास और स्थिरता पर क्या असर होगा। |
| महत्व | आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा। | लैंगिक समानता, गरीबी उन्मूलन और समावेशी विकास में योजना की भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
Key Facts to Remember: महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नई राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना: 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान'
- केंद्र सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' नामक नई योजना शुरू की है।
- यह योजना 28 मई, 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई।
- अभियान का उद्देश्य SHGs को सूक्ष्म-उद्यमों में परिवर्तित करना और उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
- योजना के लिए अगले पांच वर्षों हेतु 15,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया गया है।
- प्रमुख घटकों में वित्तीय सहायता, कौशल विकास, बाजार लिंकेज और डिजिटल साक्षरता शामिल हैं।
- प्रत्येक SHG को 2 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करने का प्रावधान है।
- SHGs के उत्पादों को बेचने और जानकारी प्राप्त करने के लिए 'नारी शक्ति पोर्टल' लॉन्च किया गया है।
- यह योजना 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों के अनुरूप है।
- यह दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की सफलताओं पर आधारित है।
- योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Practice Questions
Q1. महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए शुरू की गई नई राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना का नाम क्या है?
- महिला समृद्धि योजना
- नारी शक्ति उद्यमिता अभियान
- ग्राम शक्ति विकास योजना
- आत्मनिर्भर महिला पहल
Explanation: केंद्र सरकार द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाने और उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नई राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना का नाम 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है।
Q2. 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' के तहत प्रत्येक SHG को अधिकतम कितने रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा?
- 50,000 रुपये
- 1 लाख रुपये
- 2 लाख रुपये
- 5 लाख रुपये
Explanation: 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' के तहत, अनुमोदित व्यावसायिक योजना प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक SHG को 2 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करने का प्रावधान है। यह वित्तीय सहायता SHGs को अपने सूक्ष्म-उद्यमों को शुरू करने या विस्तारित करने में मदद करेगी।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' का एक प्रमुख घटक नहीं है?
- वित्तीय सहायता
- अंतरिक्ष पर्यटन प्रोत्साहन
- बाजार लिंकेज
- डिजिटल साक्षरता
Explanation: 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' के प्रमुख घटकों में वित्तीय सहायता, कौशल विकास, बाजार लिंकेज और डिजिटल साक्षरता शामिल हैं। अंतरिक्ष पर्यटन प्रोत्साहन इस योजना का हिस्सा नहीं है, क्योंकि यह महिला स्वयं सहायता समूहों की उद्यमशीलता पर केंद्रित है।
Q4. भारत में SHG-बैंक लिंकेज कार्यक्रम किस संस्था द्वारा शुरू किया गया था?
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- नाबार्ड (NABARD)
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
Explanation: भारत में SHG-बैंक लिंकेज कार्यक्रम 1990 के दशक में नाबार्ड (NABARD) द्वारा शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम ने स्वयं सहायता समूहों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर उन्हें बड़े पैमाने पर ऋण प्राप्त करने में मदद की, जिससे SHG आंदोलन को व्यापक गति मिली।
Q5. 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' के लिए अगले पांच वर्षों हेतु कुल कितना प्रारंभिक आवंटन किया गया है?
- 5,000 करोड़ रुपये
- 10,000 करोड़ रुपये
- 15,000 करोड़ रुपये
- 20,000 करोड़ रुपये
Explanation: 'नारी शक्ति उद्यमिता अभियान' के लिए केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों हेतु 15,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया है। यह राशि महिला स्वयं सहायता समूहों की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उपयोग की जाएगी।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नई राष्ट्रीय प्र…
Create a scheme log: Name | Ministry | Target | Key Feature. Add every new scheme as it appears. Review this weekly.
Focus on 'Flagship' schemes: PM-KISAN, PMAY, Ayushman Bharat, PM SVANidhi. These generate the most questions.
For UPSC, understand the policy objective behind the scheme — income support, housing, health insurance. The 'why' matters more than the name.
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz