भारत में स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए नई राष्ट्रीय नीति 2026
भारत सरकार ने 25 मई, 2026 को स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक नई राष्ट्रीय नीति की घोषणा की है। इस नीति का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में ई-गवर्नेंस को मजबूत करना, सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना और पारदर्शिता बढ़ाना है। यह नीति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर देती है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 25 मई, 2026 को स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक नई राष्ट्रीय नीति की घोषणा की।
- नीति का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में ई-गवर्नेंस को मजबूत करना है।
- अगले पांच वर्षों (2026-2031) में सभी स्थानीय निकायों को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- नीति में एक राष्ट्रीय डिजिटल स्थानीय शासन मंच (National Digital Local Governance Platform) के निर्माण का प्रस्ताव है।
- प्रत्येक स्थानीय निकाय को एक डिजिटल सेवा वितरण केंद्र (Digital Service Delivery Centre) स्थापित करना अनिवार्य होगा।
- प्रारंभिक बजट आवंटन ₹10,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच 60:40 का अनुपात होगा।
- यह नीति 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के प्रावधानों पर आधारित है।
- नीति 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- इसमें डिजिटल साक्षरता, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और साइबर सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर दिया गया है।
- नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग का भी उल्लेख है।
- ई-ग्राम स्वराज जैसी मौजूदा पहलों को इस नई नीति के तहत एकीकृत किया जाएगा।
- केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री रमेश पोखरियाल (काल्पनिक नाम) ने नीति की घोषणा की।
Why In News
यह नीति 25 मई, 2026 को केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, जो देश भर में स्थानीय शासन के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों को एकीकृत करना और नागरिकों को अधिक सुलभ और कुशल सेवाएं प्रदान करना है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
Syllabus Connection
यह नीति स्थानीय स्वशासन (पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय), ई-गवर्नेंस, डिजिटल इंडिया पहल और संवैधानिक प्रावधानों (73वें और 74वें संशोधन) से संबंधित है, जो शासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए नई राष्ट्रीय नीति 2026। | नीति का उद्देश्य, चुनौतियाँ (डिजिटल डिवाइड), और भारत के शासन पर प्रभाव। |
| कब | 25 मई, 2026 को केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा घोषित। | नीति के कार्यान्वयन की समय-सीमा (2026-2031) और इसके चरणबद्ध दृष्टिकोण। |
| किसके द्वारा | भारत सरकार का केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय। | केंद्र-राज्य सहयोग का मॉडल और विभिन्न हितधारकों की भूमिका। |
| उद्देश्य | PRIs और ULBs में ई-गवर्नेंस को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना। | सेवा वितरण में सुधार, भ्रष्टाचार में कमी, नागरिक सशक्तिकरण और अंतिम मील तक पहुंच। |
| संवैधानिक आधार | 73वां और 74वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992। | स्थानीय स्वशासन के संवैधानिक जनादेश को डिजिटल माध्यम से कैसे पूरा किया जा रहा है। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Government schemes and constitutional bodies are standard Railway GK questions. |
Key Facts to Remember: भारत में स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए नई राष्ट्रीय नीति 2026
- भारत सरकार ने 25 मई, 2026 को स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक नई राष्ट्रीय नीति की घोषणा की।
- नीति का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में ई-गवर्नेंस को मजबूत करना है।
- अगले पांच वर्षों (2026-2031) में सभी स्थानीय निकायों को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- नीति में एक राष्ट्रीय डिजिटल स्थानीय शासन मंच (National Digital Local Governance Platform) के निर्माण का प्रस्ताव है।
- प्रत्येक स्थानीय निकाय को एक डिजिटल सेवा वितरण केंद्र (Digital Service Delivery Centre) स्थापित करना अनिवार्य होगा।
- प्रारंभिक बजट आवंटन ₹10,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच 60:40 का अनुपात होगा।
- यह नीति 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के प्रावधानों पर आधारित है।
- नीति 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- इसमें डिजिटल साक्षरता, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और साइबर सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर दिया गया है।
- नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग का भी उल्लेख है।
- ई-ग्राम स्वराज जैसी मौजूदा पहलों को इस नई नीति के तहत एकीकृत किया जाएगा।
- केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री रमेश पोखरियाल (काल्पनिक नाम) ने नीति की घोषणा की।
Practice Questions
Q1. स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय नीति 2026 का मुख्य लक्ष्य क्या है?
- केवल शहरी स्थानीय निकायों का डिजिटलीकरण करना।
- अगले पांच वर्षों में सभी स्थानीय निकायों को पूरी तरह से डिजिटल बनाना।
- केवल पंचायती राज संस्थाओं में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना।
- स्थानीय शासन में केवल AI-आधारित प्रणालियों को लागू करना।
Explanation: राष्ट्रीय नीति 2026 का मुख्य लक्ष्य अगले पांच वर्षों (2026-2031) में सभी पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों को पूरी तरह से डिजिटल बनाना है। यह नीति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने पर केंद्रित है।
Q2. इस नई नीति के तहत आवंटित प्रारंभिक बजट कितना है और केंद्र-राज्य के बीच वित्तपोषण का अनुपात क्या है?
- ₹5,000 करोड़, 50:50 अनुपात
- ₹10,000 करोड़, 60:40 अनुपात
- ₹12,000 करोड़, 70:30 अनुपात
- ₹8,000 करोड़, 40:60 अनुपात
Explanation: नीति के कार्यान्वयन के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया गया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 के अनुपात में धन साझा किया जाएगा, जिससे राज्यों को भी वित्तीय भागीदारी करनी होगी।
Q3. स्थानीय शासन से संबंधित कौन से संवैधानिक संशोधन इस नीति के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करते हैं?
- 42वां और 44वां संशोधन
- 61वां और 86वां संशोधन
- 73वां और 74वां संशोधन
- 97वां और 101वां संशोधन
Explanation: 73वां और 74वां संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992, क्रमशः ग्रामीण (पंचायतों) और शहरी (नगर पालिकाओं) स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा प्रदान करते हैं। ये संशोधन भारत में स्थानीय स्वशासन की नींव हैं और इस नई डिजिटल नीति के लिए कानूनी आधार बनाते हैं।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सी पहल राष्ट्रीय डिजिटल स्थानीय शासन नीति का पूरक नहीं है?
- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम
- भारतनेट परियोजना
- ई-ग्राम स्वराज पहल
- मनरेगा (MGNREGA)
Explanation: मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) एक ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, जिसका सीधा संबंध डिजिटल स्थानीय शासन से नहीं है। जबकि डिजिटल इंडिया, भारतनेट और ई-ग्राम स्वराज सभी डिजिटल बुनियादी ढांचे और ई-गवर्नेंस से संबंधित हैं और इस नीति के पूरक हैं।
Q5. नई नीति के तहत, डेटा साझाकरण और अंतर-संचालनीयता के लिए किस मंच का प्रस्ताव किया गया है?
- राष्ट्रीय डेटा रिपॉजिटरी
- राष्ट्रीय डिजिटल स्थानीय शासन मंच
- ग्राम स्वराज पोर्टल
- स्मार्ट सिटी डैशबोर्ड
Explanation: नीति में एक राष्ट्रीय डिजिटल स्थानीय शासन मंच (National Digital Local Governance Platform) के निर्माण का प्रस्ताव है। यह मंच विभिन्न ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों और डेटा को एक साथ लाएगा, जिससे डेटा साझाकरण और अंतर-संचालनीयता में सुधार होगा।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — भारत में स्थानीय शासन में डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा…
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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