भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (e-Rupee) को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश में डिजिटल रुपया (CBDC) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया है। इस योजना का उद्देश्य व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को e-Rupee लेनदेन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे वित्तीय समावेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। यह कदम भारत को अपनी डिजिटल मुद्रा के व्यापक उपयोग की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (e-Rupee) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है।
- यह योजना 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी और इसका उद्देश्य व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को डिजिटल रुपया अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- योजना के तहत, छोटे और मध्यम आकार के व्यापारियों (MSMEs) को कम लेनदेन शुल्क, त्वरित निपटान और तकनीकी सहायता मिलेगी।
- उपभोक्ताओं को डिजिटल रुपया लेनदेन के लिए कैशबैक और लॉयल्टी पॉइंट्स जैसे लाभ प्रदान किए जाएंगे।
- RBI ने इस योजना के लिए ₹500 करोड़ का प्रारंभिक कोष आवंटित किया है, जिसका प्रबंधन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से होगा।
- योजना का लक्ष्य अगले 12 महीनों में कम से कम 1 करोड़ व्यापारियों और 5 करोड़ उपभोक्ताओं को डिजिटल रुपये पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है।
- डिजिटल रुपये का खुदरा खंड के लिए पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2022 में शुरू किया गया था।
- डिजिटल रुपये को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 में संशोधन के माध्यम से कानूनी आधार मिला है।
- यह पहल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, नकदी पर निर्भरता कम करने और अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने में मदद करेगी।
- RBI के गवर्नर श्री शक्तिकांत दास ने इस कदम को भारत को 'कैशलेस' अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण बताया है।
Why In News
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 मई, 2026 को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डिजिटल रुपया (e-Rupee) के उपयोग को बढ़ाने के लिए एक विस्तृत प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। यह घोषणा CBDC के पायलट प्रोजेक्ट्स के अनुभवों के आधार पर की गई है और इसका उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को मुख्यधारा में लाना है।
Syllabus Connection
यह समाचार केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के विकास और वित्तीय समावेशन में इसकी भूमिका से संबंधित है, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। छात्रों को डिजिटल भुगतान प्रणालियों, RBI की भूमिका और वित्तीय प्रौद्योगिकी के प्रभाव को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | डिजिटल रुपया (e-Rupee) को बढ़ावा देने हेतु RBI की नई प्रोत्साहन योजना। | CBDC के व्यापक उपयोग, वित्तीय समावेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों का विश्लेषण। |
| कब प्रभावी? | 1 जुलाई, 2026 से। | योजना के समय और इसके कार्यान्वयन की चुनौतियों पर चर्चा। |
| मुख्य उद्देश्य | व्यापारियों व उपभोक्ताओं को e-Rupee अपनाने हेतु प्रोत्साहित करना। | वित्तीय समावेशन, नकदी पर निर्भरता में कमी, मौद्रिक नीति पर प्रभाव। |
| फंडिंग | ₹500 करोड़ का प्रारंभिक कोष, NPCI के सहयोग से। | फंडिंग तंत्र की स्थिरता और दीर्घकालिक प्रभावशीलता का मूल्यांकन। |
| चुनौतियाँ | डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, व्यापारी अनुकूलन। | इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारी नीतियों और तकनीकी समाधानों की आवश्यकता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (e-Rupee) को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (e-Rupee) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है।
- यह योजना 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी और इसका उद्देश्य व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को डिजिटल रुपया अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- योजना के तहत, छोटे और मध्यम आकार के व्यापारियों (MSMEs) को कम लेनदेन शुल्क, त्वरित निपटान और तकनीकी सहायता मिलेगी।
- उपभोक्ताओं को डिजिटल रुपया लेनदेन के लिए कैशबैक और लॉयल्टी पॉइंट्स जैसे लाभ प्रदान किए जाएंगे।
- RBI ने इस योजना के लिए ₹500 करोड़ का प्रारंभिक कोष आवंटित किया है, जिसका प्रबंधन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से होगा।
- योजना का लक्ष्य अगले 12 महीनों में कम से कम 1 करोड़ व्यापारियों और 5 करोड़ उपभोक्ताओं को डिजिटल रुपये पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है।
- डिजिटल रुपये का खुदरा खंड के लिए पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2022 में शुरू किया गया था।
- डिजिटल रुपये को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 में संशोधन के माध्यम से कानूनी आधार मिला है।
- यह पहल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, नकदी पर निर्भरता कम करने और अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने में मदद करेगी।
- RBI के गवर्नर श्री शक्तिकांत दास ने इस कदम को भारत को 'कैशलेस' अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण बताया है।
Practice Questions
Q1. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा डिजिटल रुपया (e-Rupee) को बढ़ावा देने के लिए घोषित नई प्रोत्साहन योजना किस तारीख से प्रभावी होगी?
- 1 जनवरी, 2026
- 1 अप्रैल, 2026
- 1 जुलाई, 2026
- 1 अक्टूबर, 2026
Explanation: RBI द्वारा घोषित डिजिटल रुपया प्रोत्साहन योजना 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी। इस योजना का उद्देश्य देश में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के उपयोग को व्यापक बनाना है।
Q2. डिजिटल रुपया प्रोत्साहन योजना के लिए RBI द्वारा आवंटित प्रारंभिक कोष कितना है?
- ₹200 करोड़
- ₹350 करोड़
- ₹500 करोड़
- ₹750 करोड़
Explanation: RBI ने डिजिटल रुपया प्रोत्साहन योजना के लिए ₹500 करोड़ का प्रारंभिक कोष आवंटित किया है। इस कोष का उपयोग व्यापारियों और उपभोक्ताओं को डिजिटल रुपया अपनाने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु किया जाएगा।
Q3. डिजिटल रुपये के खुदरा खंड के लिए पायलट प्रोजेक्ट भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कब शुरू किया गया था?
- अक्टूबर 2021
- अप्रैल 2022
- दिसंबर 2022
- मार्च 2023
Explanation: डिजिटल रुपये के खुदरा खंड के लिए पायलट प्रोजेक्ट भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दिसंबर 2022 में शुरू किया गया था। थोक खंड के लिए पायलट प्रोजेक्ट अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ था।
Q4. डिजिटल रुपया प्रोत्साहन योजना का प्रबंधन किसके सहयोग से किया जाएगा?
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)
- भारतीय बैंक संघ (IBA)
- वित्त मंत्रालय
Explanation: डिजिटल रुपया प्रोत्साहन योजना का प्रबंधन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से किया जाएगा। NPCI भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए एक अंब्रेला संगठन है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा देश अपनी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के रूप में 'डिजिटल युआन' (e-CNY) का व्यापक परीक्षण कर रहा है?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- यूरोपीय संघ
- चीन
- नाइजीरिया
Explanation: चीन अपनी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के रूप में 'डिजिटल युआन' (e-CNY) का व्यापक परीक्षण कर रहा है और यह वैश्विक स्तर पर सबसे उन्नत CBDC परियोजनाओं में से एक है। कई अन्य देश भी अपनी CBDC पर काम कर रहे हैं।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (e-Rupe…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
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