भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 4 जून, 2026 को अपनी द्विमासिक समीक्षा में प्रमुख रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 6.00% कर दिया। यह निर्णय बढ़ती मुद्रास्फीति के दबावों के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और ऋण उपलब्धता में सुधार करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस कटौती से बैंकों के लिए ऋण देना सस्ता होगा, जिससे निवेश और उपभोग को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की है।
- नई रेपो दर अब 6.00% है, जो 4 जून, 2026 से प्रभावी है।
- स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर को 5.75% और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर को 6.25% पर समायोजित किया गया।
- MPC ने अपने 'समायोजनकारी' (accommodative) मौद्रिक नीति रुख को बरकरार रखा है।
- इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और ऋण उपलब्धता में सुधार करना है।
- रेपो दर में कटौती से बैंकों के लिए उधार लेना सस्ता होगा, जिससे उपभोक्ता और कॉर्पोरेट ऋणों पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं।
- RBI का प्राथमिक जनादेश उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड में रखना है।
- MPC में 6 सदस्य होते हैं – 3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त।
- यह कटौती रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और पूंजीगत वस्तुओं जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचा सकती है।
- RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA MPC की स्थापना का प्रावधान करती है।
Why In News
भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने 4 जून, 2026 को अपनी नवीनतम द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के परिणामों की घोषणा की। इस घोषणा में रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती का महत्वपूर्ण निर्णय शामिल था, जिसने बाजार और आर्थिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया। यह कदम वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में विकास को गति देने की केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Syllabus Connection
यह समाचार मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण और भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यों से संबंधित है, जो अर्थव्यवस्था के मूलभूत सिद्धांतों को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करके 6.00% किया गया। | आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और ऋण उपलब्धता में सुधार के लिए RBI का कदम। |
| कब | 4 जून, 2026 को RBI की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में। | वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग को पुनर्जीवित करने का प्रयास। |
| कौन | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC)। | MPC का जनादेश, संरचना और निर्णय लेने की प्रक्रिया का महत्व। |
| क्यों | आर्थिक विकास को गति देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए। | मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास प्रोत्साहन के बीच संतुलन साधने की RBI की रणनीति। |
| प्रभाव | ऋण सस्ता होगा, खपत और निवेश बढ़ सकता है। | मौद्रिक नीति संचरण की चुनौतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों पर इसका असमान प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–3 | Railway papers focus on budget allocations, flagship schemes, and GDP milestones. |
Key Facts to Remember: भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की है।
- नई रेपो दर अब 6.00% है, जो 4 जून, 2026 से प्रभावी है।
- स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर को 5.75% और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर को 6.25% पर समायोजित किया गया।
- MPC ने अपने 'समायोजनकारी' (accommodative) मौद्रिक नीति रुख को बरकरार रखा है।
- इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और ऋण उपलब्धता में सुधार करना है।
- रेपो दर में कटौती से बैंकों के लिए उधार लेना सस्ता होगा, जिससे उपभोक्ता और कॉर्पोरेट ऋणों पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं।
- RBI का प्राथमिक जनादेश उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड में रखना है।
- MPC में 6 सदस्य होते हैं – 3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त।
- यह कटौती रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और पूंजीगत वस्तुओं जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचा सकती है।
- RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA MPC की स्थापना का प्रावधान करती है।
Practice Questions
Q1. 4 जून, 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा घोषित नई रेपो दर क्या है?
- 5.75%
- 6.00%
- 6.25%
- 6.50%
Explanation: MPC ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की, जिससे यह 6.00% हो गई। रेपो दर वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक धन उधार देता है, और यह अर्थव्यवस्था में ऋण की लागत को प्रभावित करती है।
Q2. भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- भारत सरकार के लिए बजट तैयार करना
- विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करना
- मूल्य स्थिरता बनाए रखते हुए विकास को बढ़ावा देना
- वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण करना
Explanation: MPC का प्राथमिक उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ है मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना, जबकि आर्थिक विकास के उद्देश्य को भी ध्यान में रखना। भारत में, CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रखना अनिवार्य है।
Q3. रेपो दर में कटौती का अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव क्या है?
- बैंकों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता है
- उपभोक्ता और कॉर्पोरेट ऋणों पर ब्याज दरें बढ़ती हैं
- निवेश और उपभोग को प्रोत्साहन मिलता है
- मुद्रास्फीति में तत्काल और महत्वपूर्ण वृद्धि होती है
Explanation: रेपो दर में कटौती से बैंकों के लिए RBI से उधार लेना सस्ता हो जाता है, जिससे वे अपने ग्राहकों को कम ब्याज दरों पर ऋण दे सकते हैं। यह कम लागत वाला ऋण निवेश और उपभोग को प्रोत्साहित करता है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
Q4. मौद्रिक नीति समिति (MPC) में कुल कितने सदस्य होते हैं?
- 4
- 5
- 6
- 7
Explanation: मौद्रिक नीति समिति (MPC) में कुल छह सदस्य होते हैं। इनमें से तीन सदस्य भारतीय रिज़र्व बैंक से होते हैं (गवर्नर, डिप्टी गवर्नर, और एक अन्य अधिकारी) और तीन सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा RBI का एक मात्रात्मक उपकरण नहीं है जिसका उपयोग मौद्रिक नीति को प्रभावित करने के लिए किया जाता है?
- खुले बाजार परिचालन (OMO)
- नकद आरक्षित अनुपात (CRR)
- नैतिक अनुनय (Moral Suasion)
- स्थायी जमा सुविधा (SDF)
Explanation: नैतिक अनुनय (Moral Suasion) एक गुणात्मक उपकरण है, जिसमें RBI बैंकों को कुछ नीतियों का पालन करने के लिए मनाता है। खुले बाजार परिचालन (OMO), नकद आरक्षित अनुपात (CRR), और स्थायी जमा सुविधा (SDF) सभी मात्रात्मक उपकरण हैं जो सीधे अर्थव्यवस्था में तरलता और ऋण उपलब्धता को प्रभावित करते हैं।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंकों…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
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