भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नई मौद्रिक नीति की घोषणा: मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास प्रोत्साहन पर जोर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 जून 2026 को अपनी नवीनतम द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की, जिसमें रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखा गया। इस नीति का उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, साथ ही वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय स्थिरता बनाए रखना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 जून 2026 को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखा।
- यह लगातार छठी बार है जब RBI ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है, जो 'वापसी ऑफ अकोमोडेशन' के रुख को दर्शाता है।
- स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर 6.25% और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर तथा बैंक दर 6.75% पर बनी हुई है।
- RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.0% रहने का अनुमान लगाया है।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति 4.5% रहने का अनुमान है।
- मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन 2016 में हुआ था और इसमें 6 सदस्य होते हैं।
- MPC का प्राथमिक लक्ष्य CPI मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रखना है।
- RBI की स्थापना 1934 के भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के तहत 1 अप्रैल, 1935 को हुई थी और इसका राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ।
- खाद्य मुद्रास्फीति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, जिस पर RBI ने विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया है।
- भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग और सरकारी पूंजीगत व्यय के कारण वैश्विक मंदी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
Why In News
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के तहत 4 जून 2026 को प्रमुख दरों और नीतियों की घोषणा की। यह घोषणा देश की आर्थिक दिशा, मुद्रास्फीति के प्रबंधन और विकास की गति को बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक के दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिससे यह वित्तीय बाजारों और आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बन गई है।
Syllabus Connection
यह मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति प्रबंधन, आर्थिक विकास और भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यों से संबंधित है, जो UPSC और अन्य परीक्षाओं के लिए अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | RBI ने रेपो दर 6.5% पर अपरिवर्तित रखी। | मौद्रिक नीति का मुद्रास्फीति, विकास और वित्तीय स्थिरता पर प्रभाव। |
| कब | 4 जून 2026 को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा। | मौद्रिक नीति चक्र और वैश्विक आर्थिक घटनाओं के साथ इसका संबंध। |
| कौन | RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC)। | MPC की संरचना, निर्णय लेने की प्रक्रिया और स्वायत्तता का महत्व। |
| क्यों | मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास प्रोत्साहन के लिए। | मुद्रास्फीति-विकास दुविधा, 'वापसी ऑफ अकोमोडेशन' का औचित्य। |
| प्रभाव | बैंकों की उधार दरों, ऋण वृद्धि और निवेश पर असर। | विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों (उद्योग, कृषि, सेवा) पर मौद्रिक नीति का व्यापक प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नई मौद्रिक नीति की घोषणा: मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास प्रोत्साहन पर जोर
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 जून 2026 को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखा।
- यह लगातार छठी बार है जब RBI ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है, जो 'वापसी ऑफ अकोमोडेशन' के रुख को दर्शाता है।
- स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर 6.25% और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर तथा बैंक दर 6.75% पर बनी हुई है।
- RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.0% रहने का अनुमान लगाया है।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति 4.5% रहने का अनुमान है।
- मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन 2016 में हुआ था और इसमें 6 सदस्य होते हैं।
- MPC का प्राथमिक लक्ष्य CPI मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रखना है।
- RBI की स्थापना 1934 के भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के तहत 1 अप्रैल, 1935 को हुई थी और इसका राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ।
- खाद्य मुद्रास्फीति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, जिस पर RBI ने विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया है।
- भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग और सरकारी पूंजीगत व्यय के कारण वैश्विक मंदी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
Practice Questions
Q1. 4 जून 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा घोषित रेपो दर क्या है?
- 6.0%
- 6.25%
- 6.5%
- 6.75%
Explanation: भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार छठी बार है जब दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Q2. मौद्रिक नीति समिति (MPC) का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करना।
- सरकारी बजट घाटे को नियंत्रित करना।
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड में बनाए रखना।
- बैंकों को दीर्घकालिक ऋण प्रदान करना।
Explanation: मौद्रिक नीति समिति (MPC) का प्राथमिक उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ है उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रखना।
Q3. RBI के 'वापसी ऑफ अकोमोडेशन' (withdrawal of accommodation) के रुख का क्या अर्थ है?
- RBI अर्थव्यवस्था में तरलता बढ़ा रहा है।
- RBI ब्याज दरों में कटौती करने की तैयारी कर रहा है।
- RBI तरलता को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- RBI ने मौद्रिक नीति के संचालन को निलंबित कर दिया है।
Explanation: 'वापसी ऑफ अकोमोडेशन' का अर्थ है कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था से अतिरिक्त तरलता को धीरे-धीरे कम कर रहा है और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अपनी नीति को सख्त कर रहा है।
Q4. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमानित वास्तविक GDP वृद्धि दर क्या है?
- 6.5%
- 6.8%
- 7.0%
- 7.2%
Explanation: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.0% रहने का अनुमान है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
Q5. भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष किया गया था?
- 1935
- 1947
- 1949
- 1969
Explanation: भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1935 में हुई थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद, इसका राष्ट्रीयकरण 1949 में किया गया, जिससे यह पूरी तरह से सरकार के स्वामित्व में आ गया।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नई मौद्रिक नीति क…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
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