केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 मई, 2026 को ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए आवास सुनिश्चित करने हेतु 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' (PMAY-G Plus) नामक एक नई योजना को मंजूरी दी है। यह योजना मौजूदा PMAY-G का विस्तार है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आवास की कमी को दूर करना और लाभार्थियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता तथा बेहतर बुनियादी ढाँचा प्रदान करना है। इस पहल से लाखों ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 मई, 2026 को 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' (PMAY-G Plus) को मंजूरी दी।
- यह योजना 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी और इसका लक्ष्य 2030 तक ग्रामीण भारत में आवास की कमी को समाप्त करना है।
- PMAY-G Plus ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाएगी।
- मैदानी क्षेत्रों में आवास इकाई के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर ₹1.50 लाख कर दी गई है।
- पहाड़ी और कठिन क्षेत्रों में वित्तीय सहायता बढ़ाकर ₹1.75 लाख कर दी गई है।
- लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90-95 दिनों के अकुशल श्रम के लिए भी सहायता मिलेगी।
- योजना में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली और LPG कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण किया गया है।
- लाभार्थी चयन के लिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के डेटा का उपयोग किया जाएगा।
- यह योजना जलवायु-लचीले निर्माण तकनीकों और स्थानीय टिकाऊ सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देती है।
- घरों का स्वामित्व महिला सदस्य या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होता है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।
- प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी जैसे भू-टैगिंग और आधार-लिंक्ड भुगतान पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
Why In News
26 मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रामीण भारत में आवास की कमी को दूर करने के लिए 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' (PMAY-G Plus) के शुभारंभ को हरी झंडी दी है। यह निर्णय ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इसका उद्देश्य सभी के लिए आवास के लक्ष्य को प्राप्त करना है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो मौजूदा योजना के तहत कवर नहीं हो पाए थे या जिन्हें अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है।
Syllabus Connection
यह समाचार ग्रामीण विकास, सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं और 'सभी के लिए आवास' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार की नीतिगत पहलों से संबंधित है। छात्रों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का उन्नत संस्करण 'आवास प्लस'। | ग्रामीण आवास की कमी को दूर करने और जीवन स्तर सुधारने हेतु एक समग्र नीतिगत पहल। |
| कब? | 26 मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित; 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी। | ग्रामीण विकास एजेंडे में निरंतरता और 'सभी के लिए आवास' लक्ष्य की दिशा में प्रगति। |
| मुख्य विशेषताएँ | बढ़ी हुई वित्तीय सहायता (₹1.50 लाख/₹1.75 लाख), मनरेगा अभिसरण, बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण। | बहुआयामी गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और टिकाऊ ग्रामीण विकास में योगदान। |
| लाभार्थी चयन | SECC 2011 डेटा और ग्राम सभा सत्यापन के आधार पर। | पारदर्शिता, समावेशिता और लक्षित वितरण सुनिश्चित करने के लिए तंत्र का महत्व। |
| चुनौतियाँ | भूमि की उपलब्धता, निर्माण लागत, कुशल श्रम की कमी। | इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए नीतिगत नवाचार और अंतर-मंत्रालयी समन्वय की आवश्यकता। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' को मंजूरी दी
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 मई, 2026 को 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' (PMAY-G Plus) को मंजूरी दी।
- यह योजना 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी और इसका लक्ष्य 2030 तक ग्रामीण भारत में आवास की कमी को समाप्त करना है।
- PMAY-G Plus ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाएगी।
- मैदानी क्षेत्रों में आवास इकाई के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर ₹1.50 लाख कर दी गई है।
- पहाड़ी और कठिन क्षेत्रों में वित्तीय सहायता बढ़ाकर ₹1.75 लाख कर दी गई है।
- लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90-95 दिनों के अकुशल श्रम के लिए भी सहायता मिलेगी।
- योजना में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली और LPG कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाओं का एकीकरण किया गया है।
- लाभार्थी चयन के लिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के डेटा का उपयोग किया जाएगा।
- यह योजना जलवायु-लचीले निर्माण तकनीकों और स्थानीय टिकाऊ सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देती है।
- घरों का स्वामित्व महिला सदस्य या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होता है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।
- प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी जैसे भू-टैगिंग और आधार-लिंक्ड भुगतान पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
Practice Questions
Q1. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस (PMAY-G Plus) को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा कब मंजूरी दी गई?
- 26 मई, 2026
- 1 अप्रैल, 2026
- 15 अगस्त, 2025
- 1 जनवरी, 2026
Explanation: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 मई, 2026 को 'प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना - आवास प्लस' को मंजूरी दी। हालांकि, यह योजना 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी, लेकिन मंजूरी की तारीख 26 मई है।
Q2. PMAY-G Plus के तहत मैदानी क्षेत्रों में आवास इकाई के निर्माण के लिए कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी?
- ₹1.20 लाख
- ₹1.30 लाख
- ₹1.50 लाख
- ₹1.75 लाख
Explanation: PMAY-G Plus के तहत मैदानी क्षेत्रों में आवास इकाई के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर ₹1.50 लाख कर दी गई है। पहले यह ₹1.20 लाख थी।
Q3. PMAY-G Plus का लक्ष्य किस वर्ष तक ग्रामीण भारत में आवास की कमी को पूरी तरह से समाप्त करना है?
- 2027
- 2028
- 2029
- 2030
Explanation: PMAY-G Plus का लक्ष्य 2030 तक ग्रामीण भारत में आवास की कमी को पूरी तरह से समाप्त करना है। यह 'सभी के लिए आवास' के व्यापक लक्ष्य का एक हिस्सा है।
Q4. PMAY-G Plus के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए प्राथमिक डेटा स्रोत क्या है?
- जनगणना 2021
- सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011
- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS)
- राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) डेटा
Explanation: PMAY-G Plus के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के डेटा का उपयोग किया जाता है, जिसे ग्राम सभा द्वारा सत्यापित किया जाता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी योजना PMAY-G Plus के साथ अभिसरण (convergence) में शामिल नहीं है?
- स्वच्छ भारत मिशन
- जल जीवन मिशन
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
Explanation: PMAY-G Plus का उद्देश्य आवास के साथ बुनियादी सुविधाओं जैसे शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन), पेयजल (जल जीवन मिशन), बिजली (सौभाग्य) और LPG (उज्ज्वला) को एकीकृत करना है। PM-KISAN प्रत्यक्ष आय सहायता योजना है और इसका PMAY-G Plus के साथ सीधा अभिसरण नहीं है।
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