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आरबीआई ने डिजिटल रुपये (e₹) के लिए सीमा पार भुगतान ढांचे का अनावरण किया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपये के माध्यम से सीमा पार लेनदेन को सुव्यवस्थित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसका उद्देश्य लागत कम करना और गति बढ़ाना है।

Key Points for Quick Revision

  • आरबीआई ने डिजिटल रुपये (e₹) के सीमा पार उपयोग के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
  • इसका उद्देश्य प्रेषण लागत को 5-7% से घटाकर 2% से कम करना है।
  • यह अन्य देशों की सीबीडीसी के साथ इंटरऑपरेबल होगा।
  • लेनदेन के लिए ब्लॉकचेन और डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) का उपयोग किया जाएगा।
  • यह कदम डॉलर पर निर्भरता कम करने और रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण में मदद करेगा।

Practice Questions

Q1. आरबीआई द्वारा शुरू किए गए डिजिटल रुपये (e₹) का मुख्य तकनीकी आधार क्या है?

  1. क्लाउड कंप्यूटिंग
  2. ब्लॉकचेन तकनीक
  3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  4. क्वांटम कंप्यूटिंग

Explanation: डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन या डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) पर आधारित है।

Q2. सीमा पार भुगतान के लिए डिजिटल रुपये के उपयोग का प्राथमिक लाभ क्या है?

  1. लेनदेन की लागत में वृद्धि
  2. लेनदेन के समय में वृद्धि
  3. मध्यस्थ बैंकों की आवश्यकता को समाप्त करना
  4. केवल घरेलू उपयोग तक सीमित रहना

Explanation: यह सीधे लेनदेन की अनुमति देकर मध्यस्थ बैंकों की आवश्यकता और संबंधित लागत को कम करता है।