भारत ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक 5 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया: ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों की दिशा में बड़ा कदम
भारत सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन टन (MT) हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से भारत वैश्विक हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक 5 मिलियन टन (MT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है, जिससे शून्य-कार्बन उत्सर्जन होता है।
- मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
- यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करेगी।
- लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगभग 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की आवश्यकता होगी और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा।
- रणनीतिक हस्तक्षेपों के लिए हरित हाइड्रोजन संक्रमण कार्यक्रम (SIGHT) इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
- इस मिशन से 6 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होने और 50 मिलियन टन वार्षिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) इस मिशन के लिए नोडल मंत्रालय है।
Why In News
भारत सरकार ने 20 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन के अपने संशोधित लक्ष्य की घोषणा की है। यह घोषणा वैश्विक ऊर्जा संक्रमण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिससे देश के ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक विकास के लिए नए अवसर खुलेंगे। यह कदम भारत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Syllabus Connection
यह खबर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन शमन प्रयासों, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और हरित अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित है। छात्रों को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और इसके पर्यावरणीय व आर्थिक प्रभावों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| मिशन का लक्ष्य | 2030 तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन। | ऊर्जा सुरक्षा, डीकार्बोनाइजेशन और हरित अर्थव्यवस्था के विकास में भूमिका। |
| हरित हाइड्रोजन क्या है? | नवीकरणीय ऊर्जा से पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पादित। | शून्य-कार्बन ईंधन, विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग और जलवायु लक्ष्यों में योगदान। |
| प्रमुख घटक | SIGHT कार्यक्रम, हरित हाइड्रोजन हब, R&D। | उत्पादन प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचा विकास और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा। |
| राष्ट्रीय प्रभाव | ऊर्जा आयात में कमी, रोजगार सृजन, GHG उत्सर्जन में कमी। | आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया को बढ़ावा और वैश्विक हरित ऊर्जा नेतृत्व। |
| नोडल मंत्रालय | नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)। | मिशन के कार्यान्वयन और अंतर-मंत्रालयी समन्वय का नेतृत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: भारत ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक 5 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया: ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों की दिशा में बड़ा कदम
- भारत ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक 5 मिलियन टन (MT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है, जिससे शून्य-कार्बन उत्सर्जन होता है।
- मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
- यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करेगी।
- लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगभग 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की आवश्यकता होगी और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा।
- रणनीतिक हस्तक्षेपों के लिए हरित हाइड्रोजन संक्रमण कार्यक्रम (SIGHT) इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
- इस मिशन से 6 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होने और 50 मिलियन टन वार्षिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) इस मिशन के लिए नोडल मंत्रालय है।
Practice Questions
Q1. भारत ने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक प्रति वर्ष कितने मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2 मिलियन टन
- 3 मिलियन टन
- 5 मिलियन टन
- 10 मिलियन टन
Explanation: भारत सरकार ने अपने 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन टन (MT) हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
Q2. हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?
- जीवाश्म ईंधन का दहन
- पानी का इलेक्ट्रोलिसिस
- प्राकृतिक गैस का सुधार
- बायोमास का गैसीकरण
Explanation: हरित हाइड्रोजन का उत्पादन पानी के इलेक्ट्रोलिसिस (विद्युत अपघटन) द्वारा किया जाता है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर या पवन ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया शून्य-कार्बन उत्सर्जन करती है।
Q3. 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- विद्युत मंत्रालय
Explanation: 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) नोडल मंत्रालय है। यह मिशन के कार्यान्वयन और समन्वय के लिए जिम्मेदार है।
Q4. भारत ने किस वर्ष तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य रखा है?
- 2030
- 2040
- 2050
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (Net-Zero Emissions) का लक्ष्य रखा है। हरित हाइड्रोजन का उत्पादन इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां डीकार्बोनाइजेशन मुश्किल है।
Q5. SIGHT कार्यक्रम, जो 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' का एक घटक है, का पूर्ण रूप क्या है?
- Strategic Initiative for Green Hydrogen Transition
- Scheme for Industrial Green Hydrogen Technology
- Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition
- Sustainable India Green Hydrogen Transformation
Explanation: SIGHT कार्यक्रम का पूर्ण रूप 'Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition' है। यह कार्यक्रम हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइजर के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
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