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सर्वोच्च न्यायालय का 'चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति' पर ऐतिहासिक निर्णय: पारदर्शिता और स्वायत्तता की दिशा में कदम

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति के लिए एक स्वतंत्र चयन समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है, जो भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए महत्वपूर्ण है। यह समिति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर बनेगी।

सर्वोच्च न्यायालय का 'चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति' पर ऐतिहासिक निर्णय: पारदर्शिता और स्वायत्तता की दिशा में कदम

2-Minute Summary (TL;DR)

  • सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति के लिए एक स्वतंत्र चयन समिति का गठन अनिवार्य किया है।
  • यह निर्णय मार्च 2023 में न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सुनाया।
  • चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल होंगे।
  • यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक संसद इस संबंध में कोई कानून नहीं बनाती।
  • इस निर्णय का उद्देश्य चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
  • CEC को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के समान होगी।
  • चुनाव आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक स्थायी और स्वतंत्र निकाय है।
  • यह निर्णय शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत को मजबूत करता है।
  • पहले CEC और ECs की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिपरिषद की सलाह पर होती थी।
  • यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र में पारदर्शिता और संस्थागत संतुलन को बढ़ावा देता है।

Why In News

यह निर्णय हाल ही में आया है, जब सर्वोच्च न्यायालय की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की नियुक्तियों में पारदर्शिता की कमी को लेकर लगातार चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं, जिससे इसकी स्वायत्तता पर सवाल उठ रहे थे। यह निर्णय भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Syllabus Connection

Indian Polity & Constitution (Constitutional Bodies, Judiciary, Separation of Powers)

छात्रों को संवैधानिक निकायों की स्वायत्तता, न्यायपालिका की भूमिका, शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत और चुनाव आयोग के कार्यों एवं संरचना को समझना चाहिए।

Prelims vs Mains — What to Focus On

Aspect Prelims Mains
क्या है?CEC/ECs की नियुक्ति के लिए नई चयन समिति।चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का न्यायिक प्रयास।
चयन समिति सदस्यPM, LoP, CJI।कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका के बीच संतुलन का महत्व।
कब तक लागू?संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक।न्यायिक सक्रियता की सीमाएं और विधायी सर्वोच्चता का सिद्धांत।
संवैधानिक आधारअनुच्छेद 324।संविधान के मूल ढांचे में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता का स्थान।
प्रभावपारदर्शिता, निष्पक्षता में वृद्धि।भारतीय लोकतंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव और संस्थागत सुधार।

How This Topic is Tested in Competitive Exams

ExamFrequencyApprox. MarksWhat Gets Asked
UPSC / State PCSVery High15–25Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth.
State PCS / PSCHigh5–10State PCS papers test both central and state government structures.
SSC (CGL / CHSL / MTS)High4–6Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper.
Banking (IBPS / SBI)Medium2–4RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested.

What to Memorize from This Topic

  • Article numbers related to the topic (e.g., Article 356 for President's Rule)
  • Constitutional bodies: composition, tenure, appointment authority
  • Recent amendments and their impact
  • Supreme Court / High Court judgements mentioned in news
  • Government schemes: ministry, launch year, beneficiaries

Practice Questions

Q1. सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होगा?

  1. प्रधानमंत्री
  2. लोकसभा में विपक्ष का नेता
  3. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
  4. केंद्रीय गृह मंत्री

Explanation: सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, CEC और ECs की नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री इस समिति का हिस्सा नहीं होंगे।

Q2. चुनाव आयोग भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है?

  1. अनुच्छेद 320
  2. अनुच्छेद 324
  3. अनुच्छेद 328
  4. अनुच्छेद 332

Explanation: चुनाव आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक स्थायी और स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है। यह अनुच्छेद चुनाव आयोग को चुनाव कराने की अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान करता है।

Q3. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने की प्रक्रिया किसके समान होनी चाहिए?

  1. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  2. भारत के महान्यायवादी
  3. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  4. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष

Explanation: न्यायालय ने फैसला सुनाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के समान होनी चाहिए, जो कि एक जटिल और कठिन प्रक्रिया है, जिसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। यह CEC की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।

Q4. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय कब तक लागू रहेगा?

  1. अगले आम चुनाव तक
  2. जब तक संसद इस संबंध में कोई कानून नहीं बनाती
  3. अगले 5 वर्षों के लिए
  4. यह एक स्थायी संवैधानिक संशोधन है

Explanation: सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल तब तक लागू रहेगी जब तक संसद इस संबंध में कोई कानून नहीं बनाती। यदि संसद भविष्य में कोई कानून बनाती है जो इस चयन समिति के प्रावधानों को बदलता है, तो न्यायालय का निर्णय उस कानून के अधीन होगा।

Q5. सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  1. सरकार की कार्यकारी शक्तियों को बढ़ाना
  2. चुनाव आयोग के बजट को नियंत्रित करना
  3. चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना
  4. केवल मुख्य चुनाव आयुक्त की शक्तियों को सीमित करना

Explanation: इस निर्णय का प्राथमिक उद्देश्य चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। एक स्वतंत्र चयन समिति के माध्यम से नियुक्तियां यह सुनिश्चित करेंगी कि चुनाव आयुक्त बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें, जिससे भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सकें।

How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams

Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.

For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.

Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.

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