केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण को मंजूरी दी, ₹50,000 करोड़ का आवंटन
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज, 20 मई 2026 को, 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए अगले पांच वर्षों में ₹50,000 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया गया है। इस चरण का मुख्य लक्ष्य देश भर में जल संसाधनों के सतत प्रबंधन, जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और पीने योग्य पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यह निर्णय भारत में बढ़ती जल संकट की चुनौती का सामना करने और सभी नागरिकों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण को मंजूरी दी।
- मिशन के दूसरे चरण के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) में ₹50,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- इसका मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों का सतत प्रबंधन, जल संरक्षण और पीने योग्य पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- प्रमुख घटकों में भूजल पुनर्भरण, जल निकायों का पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन शामिल हैं।
- जल उपयोग दक्षता बढ़ाना और अपशिष्ट जल उपचार व पुन: उपयोग को बढ़ावा देना भी शामिल है।
- जल शक्ति मंत्रालय इस मिशन के लिए नोडल मंत्रालय होगा।
- डिजिटल प्रौद्योगिकियों जैसे रिमोट सेंसिंग और AI का उपयोग जल प्रबंधन में किया जाएगा।
- यह मिशन भारत को सतत विकास लक्ष्यों (SDG 6) को प्राप्त करने में मदद करेगा।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
Why In News
आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण को ₹50,000 करोड़ के आवंटन के साथ हरी झंडी दे दी है। यह घोषणा देश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट की पृष्ठभूमि में आई है, जिससे जल सुरक्षा एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है और यह निर्णय तत्काल महत्वपूर्ण हो गया है।
Syllabus Connection
यह मिशन भारत में जल संकट की चुनौती, जल संसाधनों के सतत प्रबंधन, संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सरकारी नीतियों को दर्शाता है। छात्रों को जल प्रबंधन की तकनीकों और सतत विकास लक्ष्यों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' का दूसरा चरण। | जल संकट के समाधान हेतु एकीकृत दृष्टिकोण, सतत विकास में भूमिका। |
| आवंटन | ₹50,000 करोड़, अगले 5 वर्ष (2026-2031)। | बढ़ते निवेश का महत्व, जल सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता। |
| नोडल मंत्रालय | जल शक्ति मंत्रालय। | मंत्रालय की भूमिका, विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय का महत्व। |
| प्रमुख घटक | भूजल पुनर्भरण, जल निकायों का पुनरुद्धार, जल उपयोग दक्षता। | इन घटकों का पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव, तकनीकी एकीकरण। |
| महत्व | पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता, पर्यावरणीय स्थिरता। | जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, SDG 6 की प्राप्ति, भारत को जल-सुरक्षित बनाना। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण को मंजूरी दी, ₹50,000 करोड़ का आवंटन
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण को मंजूरी दी।
- मिशन के दूसरे चरण के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) में ₹50,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- इसका मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों का सतत प्रबंधन, जल संरक्षण और पीने योग्य पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- प्रमुख घटकों में भूजल पुनर्भरण, जल निकायों का पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन शामिल हैं।
- जल उपयोग दक्षता बढ़ाना और अपशिष्ट जल उपचार व पुन: उपयोग को बढ़ावा देना भी शामिल है।
- जल शक्ति मंत्रालय इस मिशन के लिए नोडल मंत्रालय होगा।
- डिजिटल प्रौद्योगिकियों जैसे रिमोट सेंसिंग और AI का उपयोग जल प्रबंधन में किया जाएगा।
- यह मिशन भारत को सतत विकास लक्ष्यों (SDG 6) को प्राप्त करने में मदद करेगा।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
Practice Questions
Q1. केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण के लिए अगले पांच वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई है?
- ₹10,000 करोड़
- ₹25,000 करोड़
- ₹50,000 करोड़
- ₹75,000 करोड़
Explanation: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण के लिए अगले पांच वर्षों (2026-2031) में ₹50,000 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया है। यह आवंटन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q2. 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के दूसरे चरण के प्रमुख उद्देश्यों में से एक नहीं है:
- भूजल पुनर्भरण
- अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना
- जल निकायों का पुनरुद्धार
- अपशिष्ट जल उपचार और पुन: उपयोग
Explanation: 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' का उद्देश्य जल संसाधनों के सतत प्रबंधन और जल सुरक्षा से संबंधित है। अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य नहीं है। अन्य सभी विकल्प मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं।
Q3. 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
- जल शक्ति मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
Explanation: 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के लिए जल शक्ति मंत्रालय नोडल मंत्रालय है। इस मंत्रालय का गठन 2019 में जल से संबंधित सभी मुद्दों को एक छत के नीचे लाने के उद्देश्य से किया गया था।
Q4. केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के अनुसार, भारत के लगभग कितने प्रतिशत भूजल ब्लॉक अति-शोषित या गंभीर स्थिति में हैं?
- 30%
- 50%
- 70%
- 90%
Explanation: केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत के लगभग 70% भूजल ब्लॉक अति-शोषित या गंभीर स्थिति में हैं। यह देश में बढ़ती जल संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
Q5. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में से कौन सा 'स्वच्छ जल और स्वच्छता' से संबंधित है, जिसे 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' भी संबोधित करता है?
- SDG 3
- SDG 6
- SDG 10
- SDG 13
Explanation: सतत विकास लक्ष्य 6 (SDG 6) 'स्वच्छ जल और स्वच्छता' से संबंधित है। 'राष्ट्रीय जल सुरक्षा मिशन' के उद्देश्य इस SDG को प्राप्त करने में भारत के प्रयासों के साथ संरेखित हैं।
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